अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा (करनाल)। राष्ट्रीय पुरस्कार को लेकर नगरपालिका में मची होड़ अभी थमी नहीं हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 के तहत घरौंडा शहर को यह राष्ट्रीय सम्मान मिले नौ दिन बीत चुके हैं। बावजूद इसके पुरस्कार के रूप में प्राप्त अवार्ड व स्मृति चिह्न आज तक नगरपालिका के कार्यालय में नहीं पहुंचे हैं। यहां तक की नगरपालिका में कार्यरत कर्मचारी और पार्षदगण भी राष्ट्रीय पुरस्कार का दिदार करने को तरस रहे हैं।
गौरतलब है कि इंदौर में हुए सम्मान समारोह में मिला अवार्ड सचिव महोदय के पास है और मोमेंटों के रूप में मिली महात्मा गांधी की प्रतिमा अध्यक्ष ने संभाल रखीं है। ऐसे में राष्ट्रीय अवार्ड नगरपालिका दफ्तर में सम्मान के साथ रखे जाने की बाट जोह रहा है।
नॉर्थ जोन में स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 की रैंकिंग में बेस्ट सिटी इन इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिस का खिताब हासिल करने वाली नगरपालिका घरौंडा को गत 23 जून को इंदौर में केंद्रीय राज्य मंत्री हरदीप पुरी द्वारा सम्मानित किया गया था। इस अवार्ड को एसडीएम मो. इमरान रजा के नेतृत्व में पहुंचें नगरपालिका चेयरमैन सुभाष गुप्ता, सचिव देवेंद्र नरवाल ने प्राप्त किया था। अवॉर्ड समारोह को संपन्न हुए दस दिन बीत चुके है, लेकिन आज तक शहर को मिला राष्ट्रीय सम्मान नगर पालिका नहीं पहुंचा। पुरस्कार लेने के बाद नगरपालिका सचिव और नपा अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने अवॉर्ड और मोमेंटो को कार्यालय में रखने की जहमत नहीं उठाई। कार्यालय में अवॉर्ड लाने के लिए सचिव और अध्यक्ष में पहले आप पहले आप की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। ऐसे हालातों में नगरपालिका के भीतर चल रहीं खींचतान के कारण शहर को मिला राष्ट्रीय अवार्ड सरकारी दफ्तर में सम्मान की बाट जोह रहा है।
बनेगा अवार्ड रखने का स्थान
हैरानी का बात यह है कि नगरपालिका के दफ्तर में अवार्ड रखने की जगह नहीं है। पुरस्कार समारोह में शामिल हुए नपा अध्यक्ष सुभाष गुप्ता से जब अवार्ड के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पहली बार शहर को इतना बड़ा सम्मान मिला है। दफ्तर में इस अवार्ड के लिए एक निश्चित स्थान तैयार किया जाएगा, ताकि यहां पहुंचने वाले शहरवासी अवार्ड को देख सके। सुभाष गुप्ता ने कहा कि समारोह में मिला स्मृति चिह्न उनके पास रखा है, जबकि अवार्ड सचिव महोदय ले गए थे।
सचिव बोले, अवार्ड का टूट गया था कांच
इस बारे में नगर पालिका सचिव देवेंद्र नरवाल का कहना है कि अवार्ड हमारे पास है, इंदौर से आते समय अवार्ड टूट गया था, इसलिए उसको ठीक करने के लिए दिया गया। वहीं, अन्य सवाल के जवाब में नरवाल ने बताया कि समारोह में स्मृति चिह्न के रूप में महात्मा गांधी की प्रतिमा मिली थी, स्मृति चिह्न अध्यक्ष महोदय के पास है। वे अभी तक इसे कार्यालय नहीं लाए हैं।