जांच के लिए पहुंची डॉक्टरों की टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल में 19 स्क्रब टाइफस के केस भी मिले हैं। यह भी डेंगू की तरह ही बीमारी है। यह चूहों के बालों आदि पर होने वाले पिस्सू से फैलती है। इसके बाद ऐसे चूहों को पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके लिए केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय टीम ने शुक्रवार को करनाल का दौरा किया है। केंद्र व प्रदेश से आई टीमों ने स्क्रब टाइफस व डेंगू के केसों का रिव्यू किया। केंद्र की टीम में ऐपिडेमिक इंटेलिजेंस सर्विसेज ऑफिसर (एनसीडीसी) डॉ. पी भास्कर, डॉ. भावेश व स्टेट टीम से डॉ. डॉली गंभीर तथा स्टेट एंटोगोलोजिस्ट सीमा सिंह शामिल थीं।
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अब तक डेंगू के 172 केस मिले
टीम ने सबसे पहले सिविल सर्जन कार्यालय में पहुंचकर डॉ. मंजू पाठक उप सिविल सर्जन के साथ बैठक की। उप सिविल सर्जन ने बताया कि जिला करनाल में इस वर्ष अब तक कुल 19 स्क्रब टाइफस केस आए हैं, जोकि अलग-अलग क्षेत्र के हैं। स्क्रब टाइफस को सर्ब टाइफस भी कहते हैं। ये संक्रमित पिस्सू से लोगों में फैलता है। अब तक जिले में 172 डेंगू केस मिले हैं। इसके बाद टीम ने क्षेत्र में सभी स्क्रब टाइफस केस आने वाले घरों का दौरा किया। टीम ने गांव सग्गा व दादूपुर खुर्द में जाकर स्क्रब टाइफस के कारणों का पता लगाने की कोशिश की। पूरे गांवों का सर्वे किया।
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स्टेट टीम ने किया निरीक्षण
स्टेट टीम द्वारा डेंगू के केसों के घरों का भी दौरा किया गया तथा मरीजों से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। टीम ने गांव के लोगों को बताया कि स्क्रब टाइफस की बीमारी चूहों के बालों व कानों में पाए जाने वाले पिस्सू से होती है। इस कारण गांव में अलग -अलग जगहों पिंजरे लगाकर 6 चूहे पकड़े गए हैं। इसके बाद टीम ने कार्यालय जिला मलेरिया अधिकारी की लैब में जाकर पकड़े गए चूहों के सैंपल लिए व आगामी कार्रवाई के लिए एनसीडीसी दिल्ली लैब में भिजवाए। उन्होंने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल की लैब में स्क्रब टाइफस के टेस्ट मुफ्त में किए जाते हैं।