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यमुना का तटबंध टूटा, खेतों और घरों में घुसा पानी, बढ़ी रही परेशानी

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अमर उजाला ब्यूरो
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इंद्री, घरौंडा (करनाल)। यमुना नदी में रात को आए 6 लाख क्यूसेक पानी के कारण इंद्री के गांवों के खेतों और घरों में पानी गुस गया, जबकि घरौंडा के गांव बल्हेड़ा के पास यमुना का तटबंध टूट गया। इससे पानी गांव के सभी खेतों में जमा हो गया। रात को ही ग्रामीणों ने आनन फानन में तटबंध को बंद दिया। फिलहाल ग्रामीण यमुना नदी पर पहरेदारी कर रहे हैं। हालांकि, राहत की बात ये है कि पानी अब धीरे धीरे कम हो रहा है, फिलहाल 29 हजार क्यूसिक पानी नदी में चल रहा है। लेकिन परेशानी वाली बात ये है कि जिन हजारों एकड़ फसलों में पानी जमा है, उसकी निकासी को लेकर प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है, इससे किसानों की फसलें तबाह होने का अंदेशा बढ़ने लगा है।
गौरतलब है कि शनिवार की शाम हथिनी कुंड बैराज से करीब छह लाख क्यूसिक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया था। जिससे यमुना नदी अपने उफान पर आ गई थी। इसके परिणाम स्वरूप इंद्री हल्के के दर्जनभर गांवों के खेतों में पानी घुस गया। यमुना नदी में आए पानी ने खेतों ही नहीं बल्कि रिहायशी इलाके को भी चपेट में ले लिया। जिससे लोगों को रातों रात अपने मकान खाली करने पड़े। इंद्री के डबकोली खुर्द गांव में ग्रामीण सतनाम के घर में पिछले 3 दिनों से पानी घुसा हुआ है, परंतु स्थानीय प्रशासन ग्रामीण सतनाम की कोई सहायता करने की बजाय वहां तक पहुंच भी नहीं पा रहा है। ग्रामीण सतनाम का आरोप है कि उन्हें प्रशासन की तरफ से कोई भी सहायता प्राप्त नहीं हुई है यहां तक की प्रशासन के अधिकारी आने की बजाय केवल डबकोली कलां से ही वापस चले जाते हैं। फिलहाल इंद्री और घरौंडा क्षेत्र की हजारों एकड़ फसलें जलमग्न हैं।
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एसडीएम ने किया कई गांवों का दौरा : एसडीएम
एसडीएम ईशा कांबोज ने गांव कलसौरा, रंदोली, डबकोली, नगली घाट व गढ़ीबीरबल सहित विभिन्न गांवों का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया गया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रखें। जिन-जिन विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी गांव स्तर पर है, उन्हें गांव में ही रहना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ड्यूटी को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन द्वारा किश्ती, गोताख़ोर, रेत से भरे बैग, खाने-पीने का सामान व पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाईयों इत्यादि का पूरा प्रबंध किया है। उन्होंने बताया कि यमुना में बढ़ते जलस्तर के बारे में ग्रामीणों को एसएमस के माध्यम से सूचना दी जा रही है, इसके अलावा, गांव के पटवारी व ग्राम सचिव द्वारा ग्राम पंचायत के माध्यम से मनादी भी करवाई जा रही है। एसडीएम कांबोज ने लोगों का आह्वान किया कि यमुना में पानी के बढ़ने की सूचना जैसे ही लोगों तक पहुंचे, वह तुरंत अपने जानमाल की सुरक्षा के लिए सुरक्षित स्थान पर पहुंच जांए। प्रशासन 24 घंटे आपकी सेवा में है। इंद्री की एसडीएम ईशा कांबोजा का कहना है कि यमुना के साथ लगते गांवों के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन मौसम को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है। प्रशासन बाढ़ बचाओ प्रबंधों को लेकर पूरी तरह से सजग है। प्रशासन द्वारा बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी इंद्री के कार्यालय में की गई है, जिसका संपर्क नम्बर 0184-2382279 है। प्रशासन स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है, और यमुना के साथ लगते गांवों का लगातार दौरा किया जा रहा है।

रात को टूटा तटबंध, ग्रामीणों में मचा हड़कंप
घरौंडा। नदी में पानी के उफान को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में अलर्ट जारी किया है। देर रात करीब एक बजे गांव बल्हेड़ा के पास यमुना का तटबंध टूट गया और नदी के पानी का रुख गांव की तरफ हो गया। तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। सरपंच प्रतिनिधि कोसर अली ने तुरंत तटबंध टूटने की सूचना प्रशासन को दी और ग्रामीणों के साथ मिलकर तटबंध में आई दरार को पाटने का काम शुरू कर दिया। नदी का पानी तेज बहाव के साथ खेतों में घुस गया और गांव के बाहर बनी सैकड़ों झोपड़ियों तक पहुंच गया। बाढ़ के खतरें को भांपते हुए ग्रामीणों ने झोपड़ियों को खाली कर दिया और सुरक्षित स्थानों पर चले गए।

तटबंध को पाटने में जुटे कर्मचारी
तटबंध टूटने की सुचना पर हरकत में सिंचाई विभाग के अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीनों के जरिये तेजी के साथ मरम्मत का काम शुरू किया। कई घंटों के प्रयासों के बाद तटबंध में आई दरार की मुरम्मत हुई। जिससे बल्हेड़ा गांव पर बना खतरा टल गया। हालांकि यमुना में छोड़े गए पानी से अब तक नदी के अंदर व बाहर सैकड़ों एकड़ फसल बाढ़ के कारण बर्बाद हो चुकी है। नदी में पानी के जलस्तर को देखते हुए गांवों में बाढ़ की आशंका निरंतर बनी हुई है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन मनीष शर्मा से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार के मंत्री, विभाग के आला अधिकारी लगातार बाढ़ की स्थिति पर नजर रखे हुए है। पल-पल की सूचनाएं आदान-प्रदान की जा रही है और उसके मुताबिक यमुना तट से सटे गांवों में कार्य भी किये जा रहे है।
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विधायक हरविंद्र कल्याण ने लिया स्थिति का जायजा
बल्हेड़ा गांव में यमुना का तटबंध टूटने के बाद प्रशासन पूरी तरह से हरकत में है। हैफेड चेयरमैन एवं हल्का विधायक हरविंद्र कल्याण ने बल्हेड़ा गांव में पहुंचकर यमुना की स्थिति का जायजा लिया। विधायक हरविंद्र कल्याण ने प्रशासनिक अधिकारियों को हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहने के निर्देश जारी किए है। तटबंध का मुआयना करने के बाद विधायक हरविंद्र कल्याण झुग्गियों में पहुंचें और ग्रामीणों की खैरियत जानी। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि वे पूरी तरह मुस्तैद रहे। वहीं, पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने बताया कि यमुना का जलस्तर नियंत्रण में है। हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक अमला तैनात किया हुआ है। तटबंध टूटने से पानी खेतों में घुसा है। जिन फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन सभी की गिरदावरी करवाई जाएगी और मुआवजा दिलवाया जाएगा।
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