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सात माह बाद सरकारी अस्पताल में ट्रामा सेंटर शुरू, फोर्थ क्लास कर्मियों ने किया उद्घाटन

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। शहर के सरकारी अस्पताल में ओपीडी शुरू होने के सात महीने बाद ट्रॉमा सेंटर शुरू हो गया है। सोमवार को इसका उद्घाटन फोर्थ क्लास कर्मी जयसिंह व स्वीपर रमेश ने किया। ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन करने के बाद इन कर्मचारियों का खुशियों का ठिकाना न रहा। फिलहाल ट्रॉमा सेंटर में एक ही वार्ड शुरू किया है, जिसमें दस बेड हैं। एक और बेड शुरू होना अभी बाकी है, क्योंकि ट्रॉमा सेंटर 20 बेडों का है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा ट्रॉमा सेंटर में अभी टाइल लगाने का निर्माण कार्य चला हुआ है। वैसे तो सरकारी अस्पताल के पीएमओ डॉ. पीयूष शर्मा ने अस्थाई चार बेडों का ट्रॉमा सेंटर 9 जुलाई को शुरू कर दिया गया था, लेकिन वहां गंभीर मरीज का इलाज करना संभव नहीं था। शहरवासियों को दो ट्रॉमा सेंटर का फायदा मिलेगा। क्योंकि कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी वार्ड है।

22 दिसंबर, 2017 शुरू हुई थी ओपीडी
नागरिक अस्पताल में 22 दिसंबर, 2017 को ओपीडी शुरू हुई थी। इस अस्पताल का भी उद्घाटन फोर्थ क्लास कर्मचारी ने किया था। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर में टाइल आदि बदलने का मेंटेनेंस का कार्य शुरू हो गया था, लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी ट्रॉमा सेंटर में मेंटेनेंस कार्य समाप्त नहीं हुआ है। इसी कारण अभी तक ट्रॉमा सेंटर में एक ही वार्ड शुरू हुआ है। अभी दस बेडों का एक ओर वार्ड शुरू किया जाना है।
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डायरेक्टर हेल्थ ने दिए थे एक सप्ताह मेें ट्रॉमा सेंटर शुरू करने के निर्देश
सात जुलाई को पंचकुला से डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डॉ. प्रवीण सेठी ने नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान डायरेक्टर डॉ. सेठी ने नागरिक अस्पताल के पीएमओ सहित अन्य डॉक्टरों के साथ मीटिंग की और अस्पताल के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने एक सप्ताह के अंदर ट्रॉमा सेंटर शुरू करने के निर्देश दिए थे। इस कारण 9 जुलाई को सरकारी अस्पताल में अस्थाई चार बेडों का ट्रॉमा सेंटर शुरू किया गया था।
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स्टाफ की है अभी कमी
पीएमओ डॉ. पीयूष ने बताया कि उनके पास अभी डॉक्टरों की कमी है, अस्पताल में 42 डॉक्टरों की सीट हैं, इनमें 17 डॉक्टर ही उनके पास है। रेडियोग्राफर की आठ सीट हैं, लेकिन उनके पास चार ही हैं, इसी प्रकार फोर्थ क्लास 80 में से 24 हैं, स्वीपर 25 में से पांच ही हैं। फार्मासिस्ट पांच में से दो हैं।
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