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वीर सैनिकों के साहस को हमेशा देश याद रखेगा : एडीसी

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‘वीर सैनिकों के साहस को हमेशा याद रखेगा देश’
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
विजय दिवस के उपलक्ष्य में जिलेभर में कई जगह कार्यक्रमों का आयोजन कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
स्थानीय पंचायत भवन में सशस्त्र सेनाओं के सम्मान में जिला प्रशासन द्वारा विजय दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इससे पहले जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय में स्थित शहीदी स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किए गए। वहीं पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में जिले के वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि आज से ठीक 46 साल पहले 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के 93 हजार सैनिकों ने अपने कमांडर जनरल एएके नियाजी सहित भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था। इतनी बड़ी जीत के पीछे हमारी शस्त्र सेनाओं की अभूतपूर्व वीरता बलिदान और शौर्य की गौरव गाथा जुड़ी है। उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस को समूचा राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।
वहीं एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक, कर्नल डीएस राजपूत, कर्नल सुनेहरा सिंह, कर्नल देवेंद्र सिंह तथा अन्य अधिकारियों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। एडीसी ने कहा कि 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के साथ युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की स्मृति में विजय दिवस मनाया जाता है। इस युद्ध के परिणामस्वरूप बंगलादेश को आजादी मिली थी। वीर चक्र विजेता कर्नल डीएस राजपूत ने विजय दिवस कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि 1971 की लड़ाई पाकिस्तान के विरुद्ध एक योजनाबद्ध तरीके से लड़ी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन के अधिकारियों को चाहिए कि वे पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का ख्याल रखें, उनके किसी भी काम को लटकाने की बजाय प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। कार्यक्रम में कर्नल सुनेहरा सिंह ने भारतीय सेनाओं की ऐतिहासिक गौरव गाथाओं पर प्रकाश डाला। जिला सैनिक बोर्ड की ओर से कर्नल देवेंद्र सिंह ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया।
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युद्ध वीरांगनाओं को किया गया सम्मानित
अतिरिक्त उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने विजय दिवस कार्यक्रम में 22 युद्ध वीरांगनाओं को आर्थिक सहायता राशि के चेक भेंट किए। इनमें से 12 युद्ध वीरांगनाएं कार्यक्रम में उपस्थित थीं तथा शेष के घर आर्थिक सहायता सैनिक बोर्ड द्वारा पहुंचा दी जाएगी। इस दौरान उपस्थित युद्ध वीरांगनाओं में कोहंड से सरोज देवी, पाढा से ओमपती देवी, गगसीना से शांति देवी, कुडलन से लक्ष्मी देवी, असंध से कृपाल कौर, राहड़ा से सावित्री देवी, बढ़ौता से सुनेहरी देवी, करनाल से जसबीर कौर, ब्रास से प्रकाशवती, बजीदा जटान से राजपति देवी, कलेहड़ी से सुमनलता तथा जुंडला से सर्बजीत कौर के नाम शामिल है।
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