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40.2 एमएम बारिश में ही सीएम सिटी जलमग्न, निकासी नहीं होने पर लगाया जाम

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40.2 एमएम बारिश में ही सीएम सिटी जलमग्न, निकासी नहीं होने पर लगाया जाम
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मानसून में शहर को जलमग्न होने से बचाने के लिए नगर निगम की कई महीने की तैयारी व दावे प्री-मानसून की बारिश में ही धूल गए। निगम अधिकारी स्मार्ट प्रपोजल बनाने में जुटे रहे, लेकिन बारिश में शहर डूबता नजर आ रहा। बुधवार के बाद गुरुवार को हुई जोरदार बारिश ने नगर निगम के सभी दावों की पोल खोलकर रख दिया। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच हुई 40.2 एमएम बारिश से पूरा सीएम सिटी जलमग्न हो गया। शहर का पॉश इलाका हो या फिर पुराने शहर में बनी कॉलोनी व बाजार, हर जगह दो से तीन फुट पानी भर गया। नमस्ते चौक के पास स्थित श्याम नगर में तो जैसे बाढ़ आ गई। सीवर लाइन जाम होने के कारण पूरी कॉलोनी में चार फुट तक गंदा पानी भर गया। मजबूरन लोगों को खुली छतों पर रात गुजारनी पड़ी। वहीं घरों व दुकानों में पानी जमा होने के कारण लोगों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। पानी निकासी नहीं होने पर गुस्साए लोगों ने ओल्ड जीटी रोड पर जाम लगा दिया। देर शाम तक लोगों का जाम जारी था।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में जोरदार बारिश का अनुमान जताया है।बारिश दोपहर 12 बजे से शुरू हुई जो समय के साथ तेज होती गई। दो घंटे के अंदर ही पूरा शहर जलमग्न हो गया। चार घंटे बाद जब बारिश थमी तो लगा जैसे पूरा शहर थम गया हो। नालो व सीवर से उबाल मारता पानी सड़कों व गलियों में बहने लगा। जिससे कई घंटे के लिए सड़के व गलियां नदी-नालों में बदल गई। जिसपर लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। बारिश बंद होने के बाद भी कई घंटो तक जो जहां था, वहीं रूका रहा। जिसके कारण शहर के कई इलाकों में भयंकार जाम लग गया। जिसमें लोग घंटो जूझते रहे। बारिश के कारण सेक्टर-12, 13, 14, 6, 7 की सड़कों व गलियों में दो से तीन फुट तक पानी जमा हो गया। वहीं शहर की कॉलोनियों में हाल और भी बुरा रहा। दर्जनों कॉलोनियों में सीवर जाम होने की समस्या आई। जिसके कारण श्याम नगर, सदर बाजार, ब्रह्म नगर, शिव कॉलोनी, राम नगर, वाल्मीकि कॉलोनी सहित शहर के दर्जनों कॉलोनियों में बारिश मुसीबत बनकर टूटी। इन कॉलोनियों में घुटने से ऊपर तक पानी भर गया, जिसके कारण लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए।
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निगम की अधूरी तैयारी ने बढ़ाई लोगों की मुसीब
नगर निगम की अधूरी तैयारियों के कारण स्मार्ट सिटी बनने जा रहे करनाल के लोगों पर बारिश मुसीबत बनकर टूटी है। निगम ने मार्च माह में बैठक कर सभी नालों व सीवरों की समय से पहले सफाई करने का दावा किया था। लेकिन अधिकारी आज तक शहर के 50 फीसदी नाले-नालियों की सफाई भी नहीं करा पाए। एक सप्ताह पूर्व भी निगम कमिश्नर ने बैठक कर मानसून से पहले सफाई अभियान पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन धरातल पर यह तैयारी नहीं दिखाई दे रही है। निगम की अधूरी तैयारियों के कारण ही आज शहर डूब रहा है।
घरों में दो से तीन फुट तक भरा पानी, छतों पर गुजारी रात
बारिश का सबसे बुरा असर श्याम नगर के लोगों के लिए रहा। यहां पर सीवर लाइन जाम होने के कारण लोगों के घरों में दो से तीन फुट तक गंदा पानी जमा हो गया। जिसके कारण लोगों को मजबूरन घर की छतों पर शरण लेनी पड़ी। वहीं घर में रखे कीमती समान भीगने से जो नुकसान हुआ, वह अलग से। श्याम नगर के मनीष व वेदपाल ने बताया कि उनके घर में तीन फुट तक पानी भर गया है, जिससे सारा समान खुले छत पर शिफ्त करना पड़ा। अगर फिर से बारिश हुई तो सारा समान खराब हो जाएगा। वहीं इसी कॉलोनी के राधेश्याम और मनोज ने कहा कि घर में पानी भरा होने के कारण आज उन्हें छत पर खाना बनाना पड़ रहा है। पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
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छह घंटे गुल रही पूरे शहर की बिजली
बारिश से सिर्फ नगर निगम ही नहीं बल्कि बिजली निगम की व्यवस्था भी पूरी तरह धराशायी हो गई। बारिश शुरू होते ही लाइनों में फाल्ट आने शुरू हो गए और 15 मिनट के अंदर ही दर्जनों फीडर ठप्प पड़ गए। जो चालू थे उन्हें बिजली निगम ने खुद बंद कर दिया। शाम 6 बजे तक लगभग पूरे शहर में बिजली सप्लाई ठप्प रही। निगम अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण दो दर्जन से अधिक फीडरों पर फाल्ट आया है, जिनको ढूंढकर सही किया जा रहा है। शाम सात बजे तक कुछ फीडर चालू हो गए, लेकिन कई फीडरों पर बिजली सप्लाई देर रात तक बाधित रही।
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