विक्रम पूनिया
कैथल। सिंचाई विभाग की एक पहल ने किसानों की कईं परेशानियों का समाधान एक साथ करने की ओर कदम बढ़ाया है। विभाग ने कैथल में प्रदेश का ऐसा पहला किसान नहरी पानी सहायता केंद्र खोला है, जो किसानों के लिए मददगार साबित हो रहा है। इसमें 12 दिन में प्राप्त हुई 180 शिकायतों का समाधान कराया जा चुका है।
हर वर्ष धान का सीजन आते ही गाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्रालियों में सैकड़ों किसान रोजाना सिंचाई के दफ्तर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें नहीं यह पता होता किससे मिलना है। अब तक ये सबसे पहले अधीक्षक अभियंता या कार्यकारी अभियंता से मिलते थे और फिर इन किसानों की शिकायतें ऊपर से नीचे की ओर जाती थी और संबंधित जेई और पटवारी के पास पहुंचती थी। 29 मई को शुरू किए गए सहायता केंद्र पर मौजूद कर्मचारी विभाग में आने वाले किसानों, फोन और ई-मेल के जरिए भी शिकायत ले रहे हैं।
शिकायत मिलते ही उसके क्षेत्र के जेई और पटवारी को भेज दी जाती है। जेई या पटवारी 15 मिनट के अंदर किसान से संपर्क करते हैं और इसकी जानकारी केंद्र में देते हैं। फिर 24 घंटे के अंदर जेई या पटवारी को संबंधित किसान से मिलकर उसकी समस्या को विस्तार से जानना होता है, ताकि नियमानुसार फिर उसका समाधान किया जा सके।
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अब आसान हुआ शिकायत दर्ज करवाना
किसान या उसके परिवार से अब नहरी पानी सहायता केंद्र में टेलीफोन नंबर 01746317736 पर फोन करके या केंद्र की ई-मेल आइडी supportfarmergmail.com पर सीधे शिकायत भेज सकते हैं। इसके अलावा किसान सहायता केंद्र में भी शिकायत दे सकते हैं। सहायता केंद्र करनाल रोड़ स्थित नहर कॉलोनी में बने सिंचाई के कार्यालय के अंदर ही कमेटी कमरे में चलाया जा रहा है।
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विदेश में बैठे बेटे ने दर्ज कराई पिता की शिकायत
गांव बाबा लदाना का एक किसान जो अनपढ़ है और उसका बेटा जर्मन में रहता है। जर्मन में बैठे किसान के बेटे ने नहरी पानी सहायता केंद्र की ईमेल आइडी पर जर्मन से शिकायत भेजी और समाधान की अपील की। विभाग का दावा है कि केंद्र ने संबंधित कर्मचारी को शिकायत भेजकर कुछ ही घंटों में उसका समाधान कर दिया।
दूसरे जिलों से भी आ रहे फोन
किसान नहरी पानी सहायता केंद्र में कैथल के अलावा अन्य जिलों से भी फोन आ रहे हैं। जब कर्मचारी उन्हें बताते हैं कि यहां सिर्फ कैथल परिमंडल की शिकायतें ली जा रही हैं, तो फिर दूसरे जिलों के किसान कहते हैं कि ये केंद्र उनके यहां क्यों नहीं खोला गया है। फार्मर सुपोर्ट ऑफिसर सुनील कुमार और महिपाल ने बताया कि हर जिले में इस तरह के केंद्र खोले जाने की जरूरत है। केंद्र में अब दो फार्मर सपोर्ट ऑफिसर और तीन असिस्टेंट फार्मर सपोर्ट ऑफिसर की पोस्ट हैं। इसके अलावा केंद्र की देखरेख की पूरी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग के रेवेन्यू के डिप्टी कलेक्टर हरदीप सिवाच को सौंपी गई है।
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वर्जन
किसान नहरी पानी सहायता केंद्र की यह पहल सफल रही, तो फिर पूरे प्रदेश में इसे लागू किया जाएगा। अब उनका प्रयास है कि किसान अपने खेत और घर बैठे ही अपनी शिकायत विभाग तक पहुंचा सकता है, ताकि उसको भटकना न पड़े। सिर्फ शिकायतें ली नहीं जा रही हैं, उनकी निगरानी भी की जा रही है।
- नीरज शर्मा, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग, कैथल
नीरज शर्मा, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग, कैथल। स्वयं
नीरज शर्मा, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग, कैथल। स्वयं