माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर के एक इमीग्रेशन एजेंट ने तीन युवाओं को ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर उनके अभिभावकों से 17 लाख रुपये हड़प लिए। बाद में झूठे वीजा और नकली फ्लाइट टिकट देकर ठगी को अंजाम दिया गया। थाना शहर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
एसपी को दी शिकायत में गांव दादुपुर के ऋषिपाल, श्याम नगर के रमेश और अर्जुन नगर कैथल निवासी प्रशोतम दास ने बताया कि मॉडल टाउन स्थित एक इमीग्रेशन कंसल्टेंसी वीजा गुरु से संपर्क किया। यह कंसल्टेंसी दविंद्र सिंह चीमा की ओर से चलाई जाती है। उसने तीनों पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि वह उनके बच्चों को ऑस्ट्रेलिया का वर्क वीजा दिलवाकर वहां भेज देगा। प्रति व्यक्ति का खर्च 20 लाख रुपये बताया गया।
तीनों पीड़ितों ने अपने-अपने बच्चों युवराज सिंह, राहुल और विशु वर्मा के दस्तावेज और 17 लाख रुपये दे दिए। ऋषिपाल ने 8.50 लाख दिए, रमेश कुमार ने 4.25 लाख और प्रशेतम दास ने भी 4.25 लाख नकद और गूगल पे के माध्यम से दिए। बाद में आरोपी ने व्हाट्सएप पर तीनों युवाओं के फर्जी वीजा और फ्लाइट टिकट भेज दीं। फ्लाइट दो मार्च 2025 को दिल्ली से मेलबर्न की थी। जब टिकट की तारीख नजदीक आई तो आरोपी ने कहा कि फ्लाइट कैंसल हो गई है और नई टिकट दो दिन में मिल जाएगी।
संदेह होने पर पीड़ितों ने टिकट और वीजा की जांच करवाई तो पता चला कि वे सभी जाली हैं। जब उन्होंने आरोपी से रुपये वापस मांगे तो पहले तो आरोपी बहाने बनाने लगा और फिर चेक थमा दिए। पहले 10.75 लाख रुपये के तीन चेक दिए, जो बैंक में बाउंस हो गए। बाद में 17 लाख रुपये के चार अन्य चेक दिए, लेकिन वे भी बाउंस हो गए। शिकायतकर्ताओं ने थाना शहर में तहरीर दी, इस पर मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा करनाल को सौंपी गई। जांच के बाद पाया गया कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से ठगी की है।