मेगा ऋण मुक्ति शिविर में जानकारी देते उप महाप्रबंधक एसके रायजादा व अन्य अधिकारी।
करनाल। जिले में पंजाब नेशनल बैंक शाखाओं के 1656 करोड़ रुपये वाले 6395 ऋण खाते ऐसे हैं, जो गैरनिष्पादित खाता (एनपीए) सूची में आ गए। इन ऋण खातों में ब्याज का भी कोई लेनदेन नहीं हो रहा है। इसमें करीब 1600 खाते ऐसे हैं, जो पांच करोड़ रुपये तक के हैं। इन खातेदारों के पास फंसी धनराशि को जमा कराने के लिए बैंक ने एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को लागू किया है।
योजना में बैंक ने 15 से 60 फीसदी तक की छूट देने का एलान किया है। वहीं दूसरी ओर बुधवार को मंडलीय कार्यालय में आयोजित मेगा ऋण मुक्ति शिविर में 210 खातेदारों से करीब 3.50 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा कराई गई।
पंजाब नेशनल बैंक के मंडलीय केंद्र करनाल में मेगा ऋण मुक्ति शिविर में पहुंचे उप महाप्रबंधक चंडीगढ़ एसके रायजादा ने बताया कि पांच करोड़ तक के ऋण वाले खातेदारों से समझौते के आधार पर ऋण वसूली के लिए 30 सितंबर-2021 तक ओटीएस लागू की गई है। इसमें खाता कितना पुराना है, कितनी राशि बकाया है, के आधार पर तैयार फार्मूले के आधार पर खातेदार को एकमुश्त जमा पर 15 से 60 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।
सबसे खास बात यह है कि समझौते का अधिकार इस बार बैंक शाखा प्रबंधक, सर्किल व जोन स्तर पर दे दिया गया है। किसी भी समझौते के लिए फाइल को मुख्यालय भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही एक लाख तक शाखा प्रबंधक, दो करोड़ तक सर्किल आफिसर व पांच करोड़ रुपये तक जोन आफिसर तय कर सकेंगे।
सहायक महाप्रबंधक सुनील भसीन ने बताया कि एनपीए किसी भी बैंक व खाताधारक के लिए एक धब्बा होता है। समझौता होने के बाद भी संबंधित खातेदार उस बैंक से कम से कम पांच साल तक दोबारा ऋण नहीं ले पाता है। मंडल प्रमुख परवेंद्र कुमार, सहायक महाप्रबंधक (शाखा हेड) जीपी सिंह ने बताया कि इस योजना का लाभ संबंधित खाताधारकों को उठाना चाहिए। एलडीएम सुरेंद्र कुमार सिंघाल ने बताया कि शिविर में 3.50 करोड़ रुपये के समझौते करके 210 खातेदारों को कर्जमुक्त किया गया।