अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरियाणा लोक सेवा आयोग की ओर से 26 मई को हुई नायब तहसीलदार की परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में परीक्षा रद्द करने और नहीं करने के संशय को समाप्त करते हुए आयोग ने कहा है कि परीक्षा को रद्द नहीं किया जाएगा। आयोग का दावा है कि पेपर आउट जरूर हुआ था, लेकिन पेपर की आंसर की अंदर नहीं पहुंच पाई और न ही कोई परीक्षार्थी इसका लाभ ले सका। ऐसे में इसे पेपर लीक की बजाए, अनफेयर मिंज (यूएमसी) का मामला बनता है। आयोग का तर्क ये भी है कि लीक परीक्षा से पहले पेपर आउट होने पर होता है, ये पेपर परीक्षा शुरू होने के बाद बाहर आया है।
गौरतलब है कि 26 मई को नायब तहसीलदार की परीक्षा हुई थी। एसएस इंटरनेशनल स्कूल के अधीक्षक जसवीर सिंह और निसिंग खंड के बीईओ राजीव भुटानी की मिलीभगत से स्कूल के चपरासी के फोन से पेपर को आउट किया गया था। इस मामले में जसवीर और चपरासी राजकुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बीईओ की तलाश जा रही है।
शेष बचे प्रश्न पत्रों को जमा कराते समय लीक किया था पेपर
वहीं, एसटीएफ की जांच में ये बात सामने आई है कि एसएस इंटरनेशनल स्कूल में परीक्षा के बाद गैर हाजिर रहे परीक्षार्थियों के बचे हुए पेपरों से पेपर आउट किया गया था। जांच में सामने आया है कि परीक्षा के दौरान सील पेपर कमरों में भेजे गए। इसके बाद जो पेपर बच गए, उनको वापस मुख्य कमरे में ले जाया गया और यहां पर चपरासी राजकुमार ने पेपर को वाट्सअप के माध्यम से लीक किया। इस दौरान जसवीर ने उसकी मदद की।
बीईओ की गिरफ्तारी से खुलेंगे गिरोह के राज
इस मामले में अभी तक मुख्य आरोपी बीईओ राजीव भुटानी फरार चल रहे हैं। बीईओ की गिरफ्तारी के बाद ही इस पेपर लीक गिरोह का खुलासा होगा और पता चल सकेगा कि कितने रुपयों में सेटिंग की गई थी। भुटानी को गिरफ्तारी को लेकर रेवाड़ी और करनाल पुलिस छापामारी कर रहे हैं। लेकिन अभी तक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है।
जल्द जारी करेंगे परिणाम : यादव
इस बारे में हरियाणा लोकसेवा आयोग के सचिव निशांत यादव का कहना है कि एसपी रेवाड़ी ने रिपोर्ट दी है कि पेपर आउट जरूर हुआ था, लेकिन किसी भी परीक्षा केंद्र पर उसकी आंसर की अंदर नहीं जा सकी। साथ ही इस पूरे खेल में शामिल सभी आरोपियों को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके अलावा, पेपर परीक्षा से पहले लीक नहीं हुआ था, बल्कि परीक्षा के दौरान बाहर आया था। इसलिए इसे लीक नहीं कहा जा सकता।