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बसताड़ा के पास हाईवे पर निर्माणाधीन कॉलेज में इसी सत्र से शुरू होंगी कक्षाएं

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अमर उजाला ब्यूरो
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घरौंडा (करनाल)। नेशनल हाइवे पर बसताड़ा के पास निर्माणाधीन कॉलेज में बेटियों के लिए कक्षाएं इसी सत्र से शुरू होने जा रही हैं। महिला कॉलेज में कक्षाएं शुरू होने से बेटियों को करनाल व पानीपत के कॉलेजों में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। महिला कॉलेज में कक्षाएं शुरू होने से बेटियों का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है। सरकारी की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ नीति ने कस्बे की बेटियों के लिए गर्ल्स कॉलेज का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है। गर्ल्स कॉलेज की मांग लगभग तीन दशक से उठती आ रही थी। सरकार ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत 20 किलोमीटर की परिधि में महिला कॉलेज बनाने की घोषणा कर दी, लेकिन घरौंडा शहर में कुछ तकनीकी कारणों की वजह से गर्ल्स कॉलेज के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो पाई। हलका विधायक हरविंद्र कल्याण ने हाईवे से जुड़ी पंचायतों से जमीन की मांग की थी। इसको लेकर बसताड़ा में कॉलेज बनाने के लिए प्रदेश सरकार को जमीन दे दी गई थी। इसके कुछ दिन बाद ही कॉलेज बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। लगभग एक साल के अंदर कॉलेज की सभी कार्रवाई मुकम्मल कर दी गई। दो दिन पूर्व शिक्षा विभाग के निदेशक ने बसताड़ा महिला कॉलेज के लिए एडमिशन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

कॉलेज छोड़ देती थी बेटियां
छात्रा साक्षी ने का कहना है कि घरौंडा क्षेत्र में महिला कॉलेज न होने की वजह से बेटियों को करनाल या पानीपत के कॉलेजों में एडमिशन लेना पड़ता था। करनाल और पानीपत का नाम सुनकर तो कई बेटियां अपनी पढ़ाई ही छोड़ देती थी, लेकिन अब क्षेत्र में महिला कॉलेज बन गया है बेटियां पढ़ सकेंगी।
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अभिभावकों को होती थी चिंताएं
छात्रा नेहा कौशिक ने बताया कि कई अभिभावक अपनी बेटियों को करनाल और पानीपत के कॉलेजों में एडमिशन दिलाने से डरते हैं। यह भी सबसे बड़ा कारण होता था कि बेटियां अपनी आगे की पढ़ाई नहीं कर पाती थी। या तो उन्हें ओपन से पढ़ाई करनी पड़ती थी या फिर अपने घर बैठना पढ़ता था।

सपना हुआ साकार
छात्रा राधिका का कहना है कि घरौंडा महिला कॉलेज बनाने की मांग को लेकर हल्का विधायक ने सराहनीय प्रयास किए हैं। और आज बेटियों का जो सपना साकार हो रहा है उसका श्रेय विधायक हरविंद्र कल्याण को जाता है। बेटियां महिला कॉलेज बनने से काफी खुश है।

नए सेशन से पढ़ाई शुरू
छात्रा कोमल का कहना है कि उनको उम्मीद नहीं थी कि महिला कॉलेज में इतनी जल्दी कक्षाएं शुरू हो जाएगी। हालांकि, निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन बेटियां के लिए निर्माणाधीन कॉलेज में ही कक्षाएं शुरू करना सरकार का सराहनीय प्रयास है।
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महिला कॉलेज की एक पुरानी मांग थी। नए सेशन से बेटियों के लिए महिला कॉलेज में कक्षाएं लगनी शुरू हो जाएगी। कॉलेज का निर्माण पूरा होने तक किसी अन्य स्थान पर कक्षाएं लगाई जाएंगी। कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा होते ही छात्राओं को कॉलेज में शिफ्ट कर दिया जाएगा। नए सेशन से एडमिशन होने पर शहरवासियों का एक सपना साकार हो गया है। -हरविंद्र कल्याण, विधायक घरौंडा।
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