फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ लामबंद हुए छात्र संगठन और आईटीआई अनुदेशक

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल। आईटीआई के विद्यार्थियों और प्रिंसिपल समेत अनुदेशकों पर लाठीचार्ज करने और फायरिंग के मामले में लाठीचार्ज का मामला लगातार गरमा रहा है। अब पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। हालांकि, इस मामले में दो अलग-अलग कमेटी जांच कर रही हैं, जांच रिपोर्ट आने से पहले ही राजनीतिक दलों के छात्र संगठन एकजुट कर सरकार पर हमला बोल रहे हैं, साथ ही आईटीआई के अनुदेशकों ने काले बिल्ले लगाकर अपना विरोध जताया है। सभी ने मांग की है कि जल्द ही लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। संगठनों ने सरकार को भी चेताया है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।
विज्ञापन


दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तक काले बिल्ले लगा जताएंगे विरोध
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के छात्रों, अनुदेशकों और प्रिंसिपल पर लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को अनुदेशकों और स्टाफ सदस्यों ने गेट मीटिंग की। अनुदेशकों ने ऐलान किया कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती वह काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे। छात्रों और अनुदेशकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनुदेशकों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा आईटीआई कैंपस में घुसकर छात्र-छात्राओं, अनुदेशकों व प्रिंसिपल पर डंडे बरसाए गए। पुलिसकर्मियों ने जमकर मारपीट की और बाद में छात्रों को ही दोषी ठहराया गया। अनुदेशकों ने कहा कि इस घटना में दोषी पुलिस कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। शिक्षण संस्थान में इस तरह घुसकर हमला करना कानून का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि अनुदेशकों और छात्रों का मान सम्मान तभी बहाल होगा जब दोषी पुलिस कर्मचारियों को सजा मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें