अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की राज्य कमेटी के निर्णय के अनुसार जिला करनाल की सैकड़ों वर्कर व हेल्पर हड़ताल पर चल रही हैं। छह मार्च, 2018 को मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में की गई घोषणाओं को अभी तक लागू नहीं किया गया। गुरुवार को धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान रूपा राणा ने की।
राज्य उपप्रधान मधु शर्मा, रूपा राणा, राकेश ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन आठ फरवरी से धरना दे रही है। शर्म की बात है कि सरकार ने यूनियन से बातचीत करना तक उचित नहीं समझा। सरकार हजारों आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स की मांगों के प्रति गंभीर नहीं हैं। सितंबर, 2018 से केंद्र से मिलने वाला मानदेय अभी तक वर्कर्स को नहीं मिला है। दो मार्च को सात जिलों की आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर सीएम सिटी में इकट्ठा होंगी। धरने के बाद शहर में प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर संगीता शर्मा, रीना, सरोज, रूपा, बिजनेश, मधु शर्मा, राकेश राणा, सुरेंद्र सिंह, सतपाल सैनी, ओपी माटा, सुशील गुर्जर, जगपाल राणा, बबली, सर्वेश राणा, अनीता, शीला, राकेश, सुनीता, अमरजीत कौर, पूनम, ज्ञानो देवी, ममता व रेनू ने वर्करों को संबोधित किया।
ये हैं वर्कर्स की मांगें
वर्कर्स को मजदूर की श्रेणी में शामिल किया जाये। हेल्पर्स को भी अकुशल मजदूर माना जाए। प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 और 750 की बढ़ोतरी सित बर से केंद्र सरकार का बकाया मानदेय वर्कर्स व हेल्पर्स को तुरंत मिले। हेल्पर्स से वर्कर और वर्कर से सुपरवाइजर में पदोन्नति 50 प्रतिशत हो व केवल सीनियरिटी के आधार पर हो। वर्कर्स-हेल्पर्स को गर्मी-शर्दी असल में छुट्टी दी जाए। वर्कर्स और हेल्पर्स की मृत्यु पर परिवारजनों को 3 लाख रुपये एक्सग्रेसिया लाभ मिले। पेंशन सहित रिटायरमेंट लाभ मिले। निर्णय अनुसार, 2 साल से अटका केंद्रों का किराया जारी हो। हेल्पर्स को अतिरिक्त पैसा मानदेय में मिले। बंद क्रेच केंद्रों को तुरंत खोले जाय व क्रैच वर्कर्स हेल्पर्स की नौकरी बहाल हो। मदर ग्रुप वर्कर्स का मेहनताना बढ़े।