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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नाम पर फर्जीवाड़ा : डाकखाने के बाहर फिर हंगामा

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। प्रधानमंत्री योजना ग्राम शहर और बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के नाम पर दो लाख रुपये कन्यादान राशि की फर्जी योजना को लेकर न तो अधिकारी महिलाओं को समझा पा रहे हैं कि यह योजना फर्जी है और न ही महिलाएं ये समझने के लिए तैयार हैं।
वीरवार सुबह ही करीब 200 महिलाएं और पुरुष इस फर्जी योजना का फार्म लेकर डाकखाने के बाहर खड़ी हो गई, जिस कारण पुलिस का बुलाना पड़ा और फिर से महिलाओं ने डाकखाने के बाहर हंगामा किया। इन महिलाओं को समझाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं को बताया कि यह फर्जी है इस प्रकार की कोई योजना नहीं है, लेकिन महिलाएं समझने के लिए तैयार ही नहीं थी, उन्होंने कहा कि उनसे पहले महिलाओं को फार्म क्यों डाकखाने में लिए गए? इस बात को लेकर दोपहर तक महिलाएं हंगामा करती रहीं। फिर कुछ घर लौट गईं तो कुछ डीसी को शिकायत करने लघु सचिवालय गईं, लेकिन वहां डीसी नहीं मिले।
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फर्जी योजना फार्म पर 100 से 500 रुपये खर्च कर रहीं हैं महिलाएं
इस फर्जी योजना के फार्म पर पिछले एक सप्ताह से हजारों महिलाएं 100 से 500 रुपये खर्च कर चुकी हैं, अब इन महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। दुकानदार फोटो कॉपी कर इस फार्म को दस रुपये में बेच रहे हैं और इस फार्म को डालने के लिए लिफाफे का भी मनचाहा दाम महिलाओं से वसूल रहे हैं। हजारों की संख्या में महिलाएं इस फर्जी योजना के नाम पर ठगी जा चुकी है।

आखिर कौन है इस फर्जी फार्म को बनाने वाला?
सीएम सिटी में प्रधानमंत्री योजना ग्राम शहर और बेटी बचाओ व बेटी पढ़ाओ के नाम पर यह फर्जी फार्म बनाकर महिलाओं बहकाकर ठगा जा रहा है और महिलाएं डाकखाने में हंगामा कर रही हैं। आखिर कौन है, जिसने महिलाओं को यह फर्जी फार्म दिया और इस फर्जी योजना के बारे में बहकाया, यह एक बड़ा सवाल है, लेकिन इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।

जांच के लिए कोई तैयार नहीं
महिलाओं को यह फर्जी फार्म किसने दिया, इस मामले की जांच करने से पुलिस और प्रशासन दोनों ही पीछे हट रहे हैं। पुलिस ने भी पूछताछ कर दुकानदार को छोड़ दिया, लेकिन इस मामले की तह तक जाने को काई तैयार नहीं है। महिलाएं इस फर्जी योजना पर हजारों रुपये खर्च कर चुकी हैं।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ एक अभियान है, इससे कोई रुपया नहीं दिया जाता
डब्ल्यूसीडीपीओ मधु पाठक ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एक अभियान है लोगों को जागरूक करने के लिए, यह कोई योजना नहीं है और न इसके द्वारा कोई सहायता राशि दी जाती है। ये जो फार्म महिलाओं द्वारा भरे जा रहे हैं वे फर्जी हैं। गांव स्तर पर महिलाओं को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है।
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फर्जी फार्म के मामले में डाकखाने के सामने एक दुकानदार से पूछताछ की थी, उसने बताया कि फार्म महिलाओं के पास था और महिलाएं ही उस फार्म की फोटो कॉपी करा रही थी। इस लिए दुकानदार को छोड़ दिया गया है।-हरजिंद्र सिंह, सिटी थाना प्रभारी।
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