अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मेरठ रोड स्थित भाई बहन के मंदिर में दो पुजारियों सहित चार व्यक्तियों की हत्या और एक पुजारी को घायल के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए बदमाश इतने शातिर हैं कि वारदात में पिस्तौल और चाकू का प्रयोग नहीं करते। वारदात का कोई सबूत न मिले, इसलिए पेड़ों की टहड़ियों को ही हथियार के रूप में प्रयोग करते हैं। इस वारदात में भी बदमाशों ने ऐसा ही किया, पहले सभी को बांध दिया और बाद में टहनियों से सभी पर वार किये। खास बात ये भी है कि ये बदमाश 20 से 25 साल की उम्र के हैं और इनकी क्षमता इतनी है कि वे पांच से दस किलोमीटर पर आराम से दौड़ते हैं। प्रारंभिक पूछताछ में ये भी पता है कि वारदात से पहले और बाद में ये बदमाश पैदल ही चलते हैं। एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया का कहना है कि बदमाश पहले ही पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं और अलग-अलग टोलियों में जाकर उन मंदिरों और डेरों को ही निशाना बनाते हैं, जो सुनसान स्थानों पर होते हैं।
शिविर में रहकर पूरी जानकारी की थी हासिल
एसपी के अनुसार, बदमाशों ने शिव रात्रि पर लगे शिविर में एक दिन रहकर रेकी की थी। मंदिर में कौन-कौन व्यक्ति रहते हैं। इसके बाद बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए योजना बनाई। 18 अगस्त की रात को पुजारियों की हत्या करने से पहले इन बदमाशों ने मंदिर के समीप ही खेतों में बैठकर शराब की और फिर नशे की हालत में दो पुजारी व दो सेवादारों की हत्या की। ये बदमाश इतने शातिर है कि इन्होंने अपनी पिकअप गाड़ी यूपी के बोर्ड पर खड़ी की हुई थी और मंदिर में पैदल आए थे और पैदल ही फरार हो गए थे। जाते समय ये बदमाश पुजारियों के गले से सोने की चेन व अंगूठी भी ले गए थे।
तीन सदस्य फरार, पंजाब पुलिस ने पकड़ रखे हैं चार आरोपी
इस गिरोह के तीन सदस्य अभी फरार हैं, पुलिस के अनुसार, करीब 8 बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। बुधवार को इन आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा ओर पुलिस रिमांड मांगा जाएगा। वहीं, पुलिस को जानकारी मिली है कि नवां शहर में हुई इसी प्रकार की वारदात में पुलिस चार बदमाशों को उठा रखा है। फिलहाल पुलिस यूपी और पंजाब समेत अन्य स्टेटों की पुलिस से संपर्क साधे हुए है।
एक टोली में केवल एक बदमाश रखता है फोन
एसआईटी के सदस्यों का दावा है कि ये बदमाश अलग अलग टोली में जाते हैं और केवल व्यक्ति के पास फोन होता है। वही, बदमाश गिरोह के सदस्यों से जुड़ा होता है और सारे संदेश लेता है। पुलिस का दावा है कि इस मामले को सुलझाने में उनकी मोबाइल लोकेशन ने भी साथ दिया। इस मामले को ट्रेस करने के लिए पुलिस ने करीब 4 लाख कॉल डंप उठाए, मंदिर के समीप एक कंपनी के साथ सर्च अभियान भी चलाया था। डीएसपी वीरेंद्र सिंह सैनी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया हुआ था, जिसने यह मामला ट्रेस किया है।
18 अगस्त की रात को दिया था वारदात को अंजाम
श्रीगोविंद धाम संतआश्रम भाई बहन मंदिर में 18 अगस्त को बदनारा कैथल निवासी पंडित विनोद शर्मा अपने साले संगोही करनाल निवासी अजय शर्मा व मामा बाम्बरेहड़ी निवासी रविंद्र के साथ शाम 6 बजे आया था। उन्हें मंदिर में सात दिन अनुष्ठान महामृत्युंजय पाठ करना था। रात को तीनों पुजारी बरामदे में सो गए और सेवादार हरजिंद्र व सुलतान मंदिर के पीछे गोशाला में सो गए। रात को 12 बजे के बाद बदमाशों ने पुजारियों के हांथ-पांव बांधकर पेड़ से तोड़ी टहनियों से हमला कर दिया, जिसमें विनोद ओर सेवादार सुलतान की मौके पर ही मौत हो गई और चंडीगढ़ पीजीआई में उपचार के दौरान रविंद्र व सेवादार हरजिंद्र ने भी दम तोड़ दिया। अजय गंभीर रूप से घायल था, जिसका इलाज चला हुआ है।
24 दिन में यूपी पुलिस की सहायता से पकड़े आरोपी
चार लोगों की हत्या का यह ब्लाइंड मामला पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था, क्योंकि पुजारियों के परिजनों ने मंगलौरा निवासी अरूण पर हत्या का आरोप लगाया था। लेकिन पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अरूण ने हत्या नहीं की। इसके बाद अरूण से अवैध हथियार बरामद हुआ, पुलिस ने उसके आरोप में उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। इसके बाद पुलिस के हाथ खाली थी, पुलिस को लगा की घायल हरजिंद्र होश में आकर कुछ बताएंगा, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। इस कारण पुलिस के लिए यह मामला चुनौती बना हुआ था। करनाल पुलिस ने इस मामले को ट्रेस करने के लिए यूपी पुलिस की सहायता ली। उनकी सहायता से इन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
सुनसान जगह पर बने डेरे व मंदिरों में होने चाहिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग सुनसान जगह में बने डेरे में रहते हैं या वहां मंदिर आदि है तो वे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करके रखें, यदि कोई अज्ञात व्यक्ति आस-पास नजर आता है तो उसकी सूचना पुलिस को दें, क्योंकि यह गिरोह पैदल चलता है ओर पहले रेकी करता है और वारदात को अंजाम देता है।
ब्राह्मण समाज ने 25 सितंबर तक स्थगित किया प्रदर्शन
जिला करनाल ब्राह्मण सभा ने की बैठक, मुआवजे की मांग (34)
करनाल। जिला करनाल ब्राह्मण सभा ने भाई-बहन मंदिर में हुए पुजारियों के हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार करने को लेकर 12 सितंबर को किए जाने वाले रोष प्रदर्शन को स्थगित कर दिया है। पुलिस द्वारा पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के चलते प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय लिया गया। मंगलवार को ब्राह्मण धर्मशाला में जिला प्रधान सुरेंद्र शर्मा बड़ौता की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस मौके पर सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि पुलिस ने हत्या के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, जिन युवकों की गिरफ्तारी दिखाई गई है वह संदेह के घेरे में है। पुलिस ने मीडिया के सामने आरोपियों के नामों तक का खुलासा नहीं किया। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर शक और बढ़ गया। सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि पुलिस जब तक आरोपियों की पूरी और सही जानकारी नहीं देती ब्राह्मण समाज शांत नहीं बैठेगा। जिला करनाल ब्राह्मण सभा ने हरियाणा के ब्राह्मण समाज के लोगों से अपील की है कि फिलहाल शांति बनाए रखें और आगामी आंदोलन के लिए तैयार भी रहें। उन्होंने कहा कि सरकार 25 सितंबर तक पी ड़ित परिवारों को मुआवजा दे और परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। जिला उपप्रधान बृजभूषण कोयर ने कहा कि प्रदर्शन को 25 सितंबर तक के लिए स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अगर आरोपियों को गिरफ्तार किया है तो उनका पूरा खुलासा सार्वजनिक करना चाहिए। बैठक में पवन पहलवान, अनिल शर्मा भांबरहेड़ी, राजेश शर्मा एडवोकेट, उपप्रधान बृजभूषण कोयर, प्रदीप शर्मा बदनारा, नरेश शर्मा, लखविंद्र संगोही, राकेश, सुनील शर्मा व मोनू सिरसी आदि मौजूद रहे।