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134ए : दूसरी-तीसरी में सर्वाधिक, 11वीं में सबसे कम हुए दाखिले

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नियम 134-ए के तहत कुछ स्कूलों की ओर से दाखिले दिए जा रहे हैं। मंगलवार शाम तक जिले में 50 प्रतिशत विद्यार्थियों के दाखिले हो चुके हैं, जबकि इतने ही विद्यार्थियों को दाखिले का अभी इंतजार है। अब तक हुए दाखिलों में सर्वाधिक कक्षा दूसरी के 318 और तीसरी में 355 एडमिशन हुए हैं। वहीं 11वीं कक्षा में सबसे कम महज 13 विद्यार्थियों को दाखिला मिला है।
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दरअसल 134ए के दाखिले की तिथि खत्म होने के बाद विभाग की ओर से निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर दाखिले के संबंध में जवाब तलब किया गया है।
अब स्कूलों को विभाग की ओर से जारी हुए कारण बताओ नोटिस का जवाब देना है। ऐसे में विभाग की ओर से दाखिला पोर्टल खुला है। विभाग को स्थिति स्पष्ट करने के लिए कई स्कूलों ने अंतिम तिथि निकलने के बाद दाखिले देने शुरू किए हैं। अब तक 1129 विद्यार्थियों को दाखिला मिल चुका है। जबकि 277 विद्यार्थियों के दाखिले निरस्त हुए हैं। विभाग की ओर से जिले के सभी छह खंडों में 2765 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित किए गए थे। 1359 विद्यार्थियों को अभी दाखिले का इंतजार है।
इस कक्षा में इतने विद्यार्थियों को आवंटित हुई सीट
कक्षा आवंटन दाखिले निरस्त
दूसरी 638 318 53
तीसरी 716 355 53
चौथी 328 117 32
पांचवीं 292 93 32
छठी 254 86 31
सातवीं 169 52 19
आठवीं 199 64 34
नौवीं 112 31 16
11वीं 58 13 07
कुल 2765 1129 277
दोबारा नोटिस जारी हुए तो दाखिले देने लगे स्कूल
258 स्कूलों को मनमानी करने पर विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, उनमें से 25 ने नोटिस का जवाब दिया है। उन्होंने विभाग से यह कह दिया है कि यदि दाखिला न देने पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की तो यह हाई कोर्ट के आदेशों की अवहेलना होगी। इस पर विभाग की ओर से संतोषजनक जवाब न होने की बात कहते हुए दो दिन में दोबारा जवाब मांगा गया। रविवार को जब यह दोबारा नोटिस जारी हुए तभी स्कूलों ने दाखिले देने शुरू किए।
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जिन्होंने आदेश नहीं माने, उन पर कार्रवाई होगी
स्कूलों की ओर से दाखिले का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। जिन स्कूलों ने पोर्टल पर रिपोर्ट नहीं दी, उन्हें शून्य माना जाएगा। साथ ही निदेशालय को पत्र लिखकर ऐसे स्कूलों पर आदेश न मानने पर कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा। - रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी करनाल।
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