साउथ अफ्रिका व मारीशस की तर्ज पर होगा हरियाणा में गेहूं भंडारण
मंत्री कर्णदेव कांबोज व विधायकों का दल साउथ अफ्रीका व मारीशस के दौरे से स्वदेश लौटा
साइलॉज में अनाज के साथ-साथ फूल, मक्का सूरजमुखी, केटल फीड़ भी रहेगी सुरक्षित: कांबोज
फोटो संख्या-24
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। आगामी वर्षों में प्रदेश में अन्न, फल, फूल व अन्य चीजों का भंडारण साउथ अफ्रीका व मारीशस की तर्ज पर करने की तैयारी है। हरियाणा में साढ़े नौ लाख मिट्रिक टन के साइलॉज बनाने की मंजूरी मिली है। इसमें साढ़े छह लाख मीट्रिक टन क्षमता के साइलॉज हरियाणा सरकार बनाएगी और तीन लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम एफसीआई तैयार करेगी। शुरुआत में स्टील के साइलॉज बनाएं जाएंगे, उसके पश्चात हरियाणा में भी साउथ अफ्रीका की तर्ज पर कंकरीट के साइलॉज तैयार किए जाएंगे। इनके बनने से किसान द्वारा कड़ी मेहनत से पैदा किया जाने वाला अनाज पूरी तरह सुरक्षित होगा और अनाज के अलावा फूल सहित अन्य फसलों के भंडारण की समस्या भी नहीं रहेगी। यह जानकारी खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री कर्णदेव कांबोज के नेतृत्व में साउथ अफ्रीका व मॉरीशस की यात्रा पर गये प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को स्वदेश पहुंचने पर दी। मंत्री कांबोज ने बताया कि दौरे के दौरान बेहतर तकनीक से बने कंकरीट के साइलॉज का अवलोकन किया, जिससे हरियाणा में भी साउथ अफ्रीका और मॉरीशस की तर्ज पर अन्न भंडारण सुरक्षित तरीके से होगा। इसके अलावा, वहां की सरकार तथा कंपनियों ने हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल को कृषि एवं भूमि सुधार सहित अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की और इसी वर्ष सितंबर में भारत आने की बात कही।
उन्होंने दोनों देशों के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। हरियाणा सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने साउथ अफ्रीका के वित्त मंत्री मालुसी गिगाबा से इन मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने भी दोनों देशों में आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया। दोनों देशों की यात्रा पर गए प्रतिनिधिमंडल में हरियाणा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री कर्णदेव कांबोज, थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, नीलोखेड़ी के विधायक भगवान दास कबीरपंथी, विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएसप्रसाद, संयुक्त निदेशक जयपाल सिंह रविवार को स्वदेश पहुंचे।
सितंबर में आएगा विदेशी दल
मंत्री कर्णदेव कांबोज ने बताया कि साउथ अफ्रीका में बीबीसी (ब्लेक बिजनेस कांउसिल) से विभिन्न मुद्दों पर कई दौर की सफल वार्ता हुई है। उन्होंने सितंबर में भारत आकर साइलॉज की तकनीक सहित विभिन्न सम्भावनाएं तलाशने की बात कही है। उन्होंने बताया कि साउथ अफ्रीका में पिछले 33 वर्षों से स्टील के साथ-साथ कंकरीट के साइलॉज बने हैं, जिनमें अनाज के साथ-साथ सूरजमुखी, मक्का, कैटल फीड़ और फूलों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाता है। इस तकनीक से बने साइलॉज में सुविधा अनुसार, तापमान को कम ज्यादा किया जा सकता है।