सरकारी स्कूलों से पढ़ने वाले विद्यार्थी अब केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे। बल्कि स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही वे अपना रोजगार स्थापित करने या नौकरी के काबिल हो जाएंगे। नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के तहत उन्हें यह अवसर मिलेगा। 16 जिलों में चल रहे इनक्यूबेशन सेंटरों पर अब विद्यार्थियों को उनके कौशल का विशेष प्रशिक्षण देकर पारंगत बनाया जाएगा।
27 इनक्यूबेशन केंद्रों पर मिलेगा 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण
समग्र शिक्षा की ओर से इसके लिए 12 दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार से शुरू होगा। इंटर्नशिप की तरह प्रशिक्षण पूरा करने के बाद हुनरमंद विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। एनएसक्यूएफ के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आटोमोबाइल, रिटेल, हेल्थकेयर, ब्यूटी एंड वेलनेस सहित कुल 13 कौशल कार्यक्रम चल रहे हैं।
हुनरमंद होने के बाद नौकरी दिलाने का भी विचार
इनके प्रत्येक जिले में करीब 80 स्कूलों में कौशल केंद्र स्थापित हैं, जहां कक्षा नौवीं से 12वीं तक विद्यार्थी कौशल से संबंधित पढ़ाई (वोकेशनल कोर्स) करते हैं। एपीसी पवन और डॉ. सचिन ने बताया कि चौथे वर्ष यानी 12वीं कक्षा में जब विद्यार्थी आता है तो उन्हें निशुल्क इंटर्नशिप या विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए कौशल विकास के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय की ओर से अलग-अलग जिलों में 50 इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित हैं। इनमें 27 केंद्रों पर आधारित छह कौशल पाठ्यक्रम के विशेष प्रशिक्षण के लिए योजना तैयार हो गई है।
गाड़ी की सर्विस से लेकर पैकिंग तक में होंगे माहिर
समग्र शिक्षा के एपीसी पवन के अनुसार, प्रत्येक कौशल से संबंधित कार्य का विद्यार्थियों को पूरा प्रेक्टिकल कराया जाएगा। आटोमोटिव के विद्यार्थी कार या बाइक की सर्विस से लेकर उसके इंजन को खोलने व पैक करने तक में माहिर होंगे। इसी तरह हेल्थकेयर ट्रेड में विद्यार्थी को मरीज का ध्यान रखना या नर्सिंग संबंधित कार्य, टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी में विद्यार्थियों को देश-विदेश के पर्यटन, आतिथ्य सत्कार व होटल संबंधित कार्यों में माहिर बनाया जाएगा।
किस इनक्यूबेशन सेंटर में कौशल का लगेगा बैच
- भिवानी : जीएसएसएस बालला में हेल्थकेयर।
- फरीदाबाद : जीएमएसएसएस सेक्टर-28 में आटोमोटिव, हेल्थकेयर, रिटेल, प्राइवेट सिक्योरिटी
- फतेहाबाद : जीएसएसएस चंद्रकलां में कृषि, जीजीएसएसएस भूना में हेल्थकेयर
- हिसार : जीएसएसएस में कृषि, जीएसएसएस तलवंडी में हेल्थकेयर
- झज्जर : जीएसएसएस दूजाना में आटोमोटिव
- कैथल : एएमएसएसएस सोंगरी में आटोमोटिव, जीजीएसएसएस चीका में हेल्थकेयर
- करनाल : जीएसएसएस सांभली में आटोमोटिव, जीजीएसएसएस निसिंग में हेल्थकेयर, जीजीएसएसएस प्रेमनगर में टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी
- कुरुक्षेत्र : जीएसएसएस में आटोमोटिव
- नूंह : जीएसएसएस पून्हा में आटोमोटिव, जीएसएसएस राठीवस में हेल्थकेयर
- पंचकूला : जीएसएसएस सेक्टर-6 में आटोमोटिव, जीएसएसएस सेक्टर-7 में हेल्थकेयर
- पानीपत : जीजीएसएसएस शिवनगर में रिटेल
- रेवाड़ी : जीएसएसएस में हेल्थकेयर
- रोहतक : जीजीएसएसएस मॉडल टाउन में रिटेल
- सिरसा : जीएसएसएस कुसर में कृषि
- सोनीपत : जीजीएसएसएस अर्बन में हेल्थकेयर, जीजीएसएसएस दातोल में टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी
- यमुनानगर : जीजीएसएसएस सब्जी मंडी में रिटेल
करीब 1500 विद्यार्थी बनेंगे हुनरमंद
विभाग की योजना के तहत 27 इनक्यूबेशन केंद्रों पर 12 दिन में रोजाना छह घंटे का प्रेक्टिकल विद्यार्थियों को कराया जाएगा। प्रत्येक केंद्र के एक बैच में औसतन 50 के हिसाब से 1500 विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। चार साल के कोर्स और इस विशेष प्रशिक्षण के पूरा होने के बाद विद्यार्थियों की प्लेसमेंट के लिए विभाग की ओर से रोजगार मेला लगाने की भी योजना है। ताकि इन्हें नामी कंपनियों में भी काम करने का अवसर मिले। -वंदना परुथी, डीपीसी, समग्र शिक्षा।