अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की केंद्रीय कमेटी के फैसले के अनुसार मंगलवार को जिला करनाल की सभी आंगनबाड़ी वर्कर-हेल्पर धरना स्थल पर काली चुन्नियां ओढ़कर पहुंची और धरना स्थल पर हरियाणा सरकार और महिला एवं बाल विकास परियोजना मैनेजमेंट की वायदा खिलाफी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
सभी आंगनबाड़ी वर्करों एवं हेल्परों ने विरोध स्वरूप शहर में प्रदर्शन एवं नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान रुपा राणा ने की। इस अवसर पर धरने को संबोधित करते हुए जिला प्रधान रुपा राणा, राज्य उपप्रधान मधु शर्मा व बिजनेश राणा ने कहा कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का झूठा नारा देती है वहीं पर आंगनबाड़ी की हजारों बेटियां सड़कों पर धक्के खाने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ मुख्यमंत्री अपने आप व अपनी सरकार को जुबान के पक्के बताते हैं वहीं मुख्यमंत्री ने मार्च 2018 में विधानसभा में आंगनबाड़ी की वर्करों-हेल्परों की मांगों को लागू करने की घोषणा की थी लेकिन सरकार विधानसभा में की गई घोषणा से भी मुकर रही है। 8 फरवरी 2019 से हरियाणा की आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर मानी गई मांगों को लागू करवाने के लिए आंदोलन कर रही है लेकिन सरकार कुंभकर्णी नींद सोई हुई है। आज तक आंगनबाड़ी यूनियन से बातचीत नहीं करने का कष्ट किया जिससे वर्करों व हेल्परों में रोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मानी गई मांगों में गर्मी सर्दी की छुट्टियां स्कूलों की तर्ज पर देने, कर्मचारी का दर्जा देकर ईपीएफ, ईएसआई काटने, प्रमोशन में 50 प्रतिशत कोटा करने, वर्कर हेल्पर की मृत्यु होने पर तीन लाख रुपये मुआवजा देने, एक्सग्रेसिाया में नौकरी देने, रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी देने, आंगनबाड़ी केन्द्रों का किराया, बढ़ाने व अन्य मांगों को तुरंत लागू करें अन्यथा कल 27 फरवरी को शहर में प्रदर्शन करके सरकार का पुतला जलाया जाएगा। इस अवसर पर बिजनेश राणा, राकेश राणा, अनीता, सुषमा शर्मा, मिनाक्षी, कमला, शीला, पूनम, सरोज, सतपाल, ओपी माटा, सुशील गुज्जर, ऋषिपाल, सुदेश आदि ने संबोधित किया।