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जेल के सामने डेढ़ साल बाद दोबारा तोड़ी अवैध कालोनी

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। कैथल रोड पर जिला जेल के सामने बालाजी कॉलोनी के समीप 18 एकड़ में पनप रही अवैध कॉलोनी पर नगर निगम और टाउन प्लानर अधिकारियों ने पीला पंजा चलाकर लोगों के आशियानों को ध्वस्त कर दिया। टीम द्वारा निर्माणाधीन मकानों और दुकानों को गिराया गया, साथ ही करीब 150 से ज्यादा मकानों की नींवों को भी उखाड़ा। इसके साथ ही कॉलोनी में बनाई गई सड़कों को भी जेसीबी से तहस नहस कर दिया गया। यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई है। कब्जा हटाओ कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
मामले के अनुसार, रोशन कांबोज ने हाईकोर्ट में इस अवैध कॉलोनी को लेकर याचिका डाली हुई है। इससे पहले भी इन दोनों विभागों द्वारा मई, 2017 में पीला पंजा चलाया गया था। कॉलोनी वासियों का कहना है कि इस कॉलोनी की जमीन पहले रोशन कांबोज की थी। इस जमीन में कांबोज के पित्तरों के थान थे, जिसे उखाड़ कर मौजूदा जमीन के आनर ने वहां मकान बना दिए हैं। इसी कारण, रोशन कांबोज ने हाईकोर्ट में याचिका डाली हुई है। कॉलोनी वासियों ने कहा कि उन्होंने रजिस्ट्रियां कराई हुई है इंत्काल भी उनके नाम है, इसके में उनका क्या दोष है। ब्याज पर रुपए लेकर उन्होंने यहां प्लाट खरीदा था और जैसे तैसे कर वह मकान बना रहे थे।
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छह जेसीबी से तीन घंटे चली कार्रवाई, 150 से ज्याद पुलिस कर्मचारी रहे तैनात
सुबह 11 बजे ही नगर निगम डीटीपी मोहन सिंह, बिल्डिंग इंस्पेक्टर राजेश व विकास, टाउन प्लानर अमरिक सिंह भारी पुलिस बल के साथ अवैध कॉलोनी में पहुंच गया। वहां छह जेसीबी से करीब 150 मकान की भरी हुई नींव, निर्माणाधीन दो दुकानें व मकान गिरा दिए। सुरक्षा के लिए डीएसपी राजीव के साथ सदर थाना प्रभारी मनोज वर्मा करीब 150 पुलिस कर्मचारियों के साथ वहां तैनात रहे।


पति दे रहा सरहद पर पहरा, अधिकारियों ने तोड़ी नींव
सोनिया ने कहा कि उसका पति देशराज फौज में हैं और वह सरहद पर पहरा दे रहा है। बड़ी मुश्किल से उन्होंने यहां प्लाट खरीदा था, जिसके कागजात भी उनके पास है लेकिन अधिकारियों ने ना तो उन्हें नोटिस दिया और ना ही सूचना दी। बिना सूचना दिए उनके मकान की नींव को गिरा दिया।


साल रेहड़ी लगाकर खरीदा था प्लाट
मदन लाल ने बताया कि उसने 37 साल शहर में रेहडी लगाकर एक-एक रुपया जोड़कर यहां प्लाट खरीदा था और वहां मकान बनाया है। अब अधिकारी उसने अवैध बता रहें है। इसमें उनकी क्या गलती है। यदि यह अवैध है तो इसकी रजिस्ट्री क्यों की गई?


साल रहा किराए पर, मकान खरीदा तो वह भी पित्तरों के जगह पर बना हुआ
रामदयाल ने बताया कि वह खाने के टिफिन सर्विस का काम करता है। 14 साल किराए के मकान पर रहकर उसने एक-एक रुपया जोड़कर मकान खरीदा लेकिन जो मकान उन्हें दिया गया है वह पित्तरों की जगह पर बना हुआ है।
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प्लाट खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- अनअप्रूव्ड कॉलोनी में प्लाट न खरीदें,
- क्योंकि कॉलोनी काटने के लिए टाउन प्लानर से परमिशन लेनी होती है।
- यदि अन अप्रूव्ड कॉलोनी में प्लाट खरीद लिया है तो नगर निगम या नगर पालिका से सीएलयू लें।
- कॉलोनी अप्रूव्ड है तो जो भी निर्माण कार्य किया है या करना है तो उसका नक्शा नगर निगम व टाउन प्लानर से पास कराएं।
- अन अप्रूव्ड कॉलोनी में प्लाट की रजिस्ट्री के साथ-साथ निगम से सीएलयू होनी चाहिए।


कैथल रोड पर जिला जेल के सामने अवैध कॉलोनी में अवैध निर्माण चल रहा था उस पर कार्रवाई की गई है। मई 2017 में भी यहां पर अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई थी। जिन लोगों ने यहां अवैध निर्माण किया हुआ है उन्हें पहले नोटिस दिए गए थे। यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश पर की गई है।
-मोहन सिंह, डीटीपी नगर निगम, करनाल।
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