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इसी साल के अंत तक शुगर मिल के नवीनीकरण का कार्य होगा शुरू : मनीष ग्रोवर

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। प्रदेश के सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने मंगलवार को करनाल के सहकारी चीनी मिल के पिराई सत्र का शुभारंभ करने के बाद किसानों एवं मिल कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बताया कि बीते वर्ष प्रदेश की सभी 10 सहकारी मिलों तथा एक हैफेड चीनी मिल ने 500 लाख क्विंटल गन्ना पिराई कर एक रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की सभी मिलों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इस पर सरकार 1100 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगी। करनाल सहकारी चीनी मिल की प्रतिदिन की गन्ना पिराई की मौजूदा 22000 की क्षमता को बढ़ाकर 35000 क्विंटल किया जाएगा। मिल के नवीनीकरण के बाद इस क्षमता को 50 हजार क्विंटल तक बढ़ाए जाने की योजना है। उन्होंने बताया कि इस कार्य की तकनीक बिड खोली जा चुकी हैं, इसके बाद फाइनेंशियल बिड खुलकर उच्च अधिकार समिति के पास कार्य के रेट अनुमोदन के लिए भेजे जाएंगे और फिर कार्य के टेंडर होंगे, जो चालू साल के अंत तक होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इन उपायों से किसानों को फायदा होगा, उनकी जेब में अधिक पैसा जाएगा। नए पिराई सत्र के शुभारंभ पर मंत्री ने जिला के सदरपुर गांव के किसान जूर हसन को गत सीजन में सर्वाधित 48 हजार, 720 क्विंटल गन्ना मिल में सप्लाई करने के लिए सम्मानित किया। इसी प्रकार, बड़ागांव के किसान तिलकराज को भी 25 हजार 760 क्विंटल गन्ना सप्लाई करने के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, मिल में पिराई के लिए सबसे पहले गन्नों से भरे ट्रक, ट्राली व बुगी लाने वाले क्रमश: घीड़ के रामपाल, शेखपुरा के दयानंद व फुसगढ़ के जगमीत सिंह को भी सम्मानित किया गया। घरौंडा के विधायक एवं हैफेड के चेयरमैन हरविंद्र सिंह कल्याण ने अब चीनी मिल का नवीनीकरण करके इसकी क्षमता बढ़ाई जा रही है, इससे किसानों को और अधिक फायदा होगा। हरियाणा शुगर फेडरेशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रप्रकाश कथूरिया ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान हरियाणा सरकार किसानों के हित को लेकर गंभीर है। सरकार द्वारा प्रदेश में गन्ने का प्रति क्विंटल जो रेट किसानों को दिया जा रहा है, वह सहकारी चीनी मिलों में देश में सर्वाधिक है, यह हम सबके लिए बड़े गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि गत पिराई सत्र में करनाल ने 40 लाख टन गन्ने की पिराई की। इस वर्ष इसके बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने किसानों को नए पिराई सत्र की बधाई दी।
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इस बार गन्ने का एरिया है 20 हजार एकड़
सहकारी चीनी मिल के एमडी निर्मल नागर ने बताया कि इस वर्ष मिल एरिया में गन्ने का रकबा 20 हजार, 253 एकड़ है, जिसमें 94 प्रतिशत से ज्यादा अगेती किस्मों का गन्ना है। उन्होंने बताया कि सहकारी चीनी मिल की स्थापना 1977 से लेकर गत वर्ष तक इस मिल ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्तम कार्यकुशलता के लिए 19 ईनाम प्राप्त किए हैं, जोकि एक रिकॉर्ड है, यही नहीं गत वर्ष 40 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई कर 4 लाख क्विंटल से अधिक चीनी का उत्पादन किया और मिल की रिकवरी 10 प्रतिशत से अधिक रही। इस अवसर पर पानीपत के वरिष्ठ भाजपा नेता नीति सैन भाटिया, सहकारी चीनी मिल टेक्निकल एडवाईजर अशोक मलिक भी उपस्थित थे। पिराई सत्र के शुभारंभ से पहले हवन किया गया।
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