अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा।
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह ने कहा कि अब इंसानों के सैलून में कटे हुए बालों व गोमूत्र से तैयार एमिनो एसिड का प्रयोग तरल उर्वरक व कीटनाशक के रूप में किया जाएगा। इससे फसलों को जहरीले कीटनाशकों के प्रयोग से बचाया जा सकेगा। साथ ही, खादी को टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए सोलर चरखा मिशन की शुरुआत की गई है। इसके प्रयोग से हथकरघा के कामगारों की आमदनी छह से दस हजार रुपये तक पहुंचेगी। देश के पांच करोड़ लोगों को रोजगार मिले, इसके लिए योजना बनाई गई है।
वे सोमवार को जीटी रोड स्थित इंडो-इजराइल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र का दौरा करने के लिए पहुंचे थे। यहां हैफेड चेयरमैन एवं घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण व एसडीएम वर्षा खंगवाल ने उनका स्वागत किया। राज्य मंत्री ने केंद्र की गतिविधियों का अवलोकन किया। इससे वे बहुत प्रभावित हुए और दोबारा करीब डेढ़ महीने बाद केंद्र का भ्रमण करने की इच्छा जाहिर की। केंद्र के हाईटेक ग्रीन हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि वर्ष 1930 से किसान खेती में अंधाधुंध जहरीले रासायनों का प्रयोग कर रहे है। कृषि में रसायनों के प्रयोग का इंसानी शरीर पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। सरकार को करीब एक लाख करोड़ सब्सिडी रसायनों पर देनी पड़ रही है। गाय को किसानों के लिए फायदेमंद बताते हुए उन्होंने कहा कि एमगिरी वर्धा के संस्थान ने वेस्ट को वेल्थ में कन्वर्ट करने का काम किया है।
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तैयार किया एमीनो एसिड
इंसान सैलून में जो बाल कटवाता है, उनको बाद में फेंक दिया जाता है, जो स्वच्छता के लिए भी ठीक नहीं है। इंसान के कटे हुए बालों और गोमूत्र को मिलाकर एमीनो एसिड तैयार किया है। इसमें लगभग 7 प्रतिशत नाइट्रोजन विथ स्टे्रस मिनिरल है और एक गाय जो दूध नहीं देती है, वह अपने गोमूत्र व गोबर से 50 हजार रुपये की इनकम दे सकती है। इसके दो फायदे होंगे। अब गाय कत्ल खाने नहीं जाएंगी, बल्कि किसानों के लिए आर्थिक केंद्र का सिंबल बनेगा और उसके प्रोडक्ट बायो कंपोस्ट बनेंगे और बाल व गोमूत्र से एमीनो एसिड बनेगा। इसका प्रयोग तरल उर्वरक और कीटनाशक के रूप में किया जाएगा।