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एशियन पैरा गेम्स में करनाल के स्वप्निल ने जीता ब्रांज

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अमर उजाला ब्यूरो
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कर्णनगरी के स्वप्निल ने एशियन पैरा गेम्स में ब्रांज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। दिव्यांग तैराक ने 100 मीटर फ्री स्टाइल रेस 59.77 सेकेंड में पार की। इरान के तैराक ने 57.97 सेकेंड के साथ गोल्ड मेडल जीता। वहीं, दूसरे नंबर पर कजागिस्तान का तैराक रहा। इंडोनेशिया में करनाल के स्वीमिंग कोच कंवलजीत संधू भी खिलाड़ियों के साथ हैं। उन्होंने बताया कि भारत से 19 तैराकों का दल जकार्ता में गया था। एशियन पैरा गेम्स का आगाज छह अक्तूबर को हुआ था। 16 अक्तूबर को इसका समापन होगा। कोच कंवलजीत ने बताया कि हरियाणा की दिव्यांशी सतीजा इससे पहले 100 मीटर बटर फ्लाई में सिल्वर और 100 मीटर फ्री स्टाइल में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी है।

स्वप्निल के सपने बुलंद
करनाल के दिव्यांग स्वप्निल ने कोच कंवलजीत से स्वीमिंग के गुर सीखे हैं। चार साल में 14 मेडल जीत चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इससे पहले पांच मेडल हासिल कर चुका है। स्वप्निल की एक टांग पोलियो से ग्रस्त है, लेकिन तैराकी में उसका कोई सानी नहीं है। करनाल के बेटे के ब्रॉन्ज जीतने पर जिले के लोगों में खुशी की लहर है।
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दिव्यांगों को ट्रेनिंग करनाल में
कोच कंवलजीत करनाल में ही प्रदेशभर के दिव्यांगों को तैराकी का प्रशिक्षण देते हैं। 12 साल में 45 मेडलिस्ट तैयार कर चुके हैं। इनमें से 11 ने तो स्वीमिंग के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। 12 साल पुलिस में सेवाएं देने के बाद वह अब खेल विभाग में बतौर स्वीमिंग कोच कार्यरत हैं।
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