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एंकर- छात्रों को अब सरकारी स्कूलों में भी मिलेगा प्रतिभा निखारने का मौका

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करनाल। सरकारी स्कूलों में बच्चे पढ़ाई के साथ अब सांस्कृतिक प्रतिभा को भी निखारेंगे। शिक्षा विभाग ने इसके लिए बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत अब स्कूलों में बच्चों के लिए नाटक, गायन, डांस जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराए जाएंगे। इसके प्रशिक्षण, वेशभूषा व किराया सहित अन्य खर्चों के लिए विभाग की तरफ से जिले के सभी स्कूलों को 20-20 हजार रुपये दिए जाएंगे। ताकि बजट के अभाव में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पिछड़ न जाएं। हालांकि बजट जारी करने के साथ विभाग की ओर से एक शर्त भी रखी गई है कि अगर बजट मिलने के बावजूद भी स्कूल विभाग के मानकों व उपलब्धियों पर खरा नहीं उतरा तो उससे पूरी राशि रिकवर की जाएगी। इसकी सारी जिम्मेदारी प्राचार्य पर रहेगी। उन्हें संबंधित बजट का सारा रिकार्ड अपडेट भी रखना होगा।
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इस योजना का प्रमुख उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में सांस्कृतिक प्रतिभा को निखारने में मदद करना है। अभी तक देखने में आया है कि प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र पढ़ाई के साथ नाटक, गायन, डांस जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जोर-शोर से भाग लेते हैं। इन क्षेत्रों में प्रतिभा निखारने के लिए छात्रों को स्कूल की तरफ से प्लेटफार्म मुहैया कराया जाता है, लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने का मौका नहीं मिल पता। बच्चों के अंदर एक्टिंग, सिंगिंग, एंकरिंग व डांसिंग की काबिलियत होने के बाद भी वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पाते। लेकिन अब शिक्षा विभाग इस क्षेत्र में भी छात्रों की मदद करने जा रहा है। अब स्कूल में बच्चों के लिए नाटक, डांस, सिंगिंग जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें कपड़े से लेकर आने-जाने तक में होने वाले पूरे खर्च को स्कूल वहन करेगा।
खरा नहीं उतरा स्कूल तो बजट की होगी रिकवरी
प्रदेश के प्रत्येक स्कूल को यह छूट दी गई है कि वह सांस्कृतिक कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन का दावा करता है तो उसे विभाग की ओर से उसे बजट दिया जाएगा। लेकिन ऐसे स्कूल पर दबाव रहेगा कि अगर वह अपनी उपलब्धियों पर खरा नहीं उतरता है अर्थात वह सांस्कृतिक कार्यक्रम में सम्मान जनक स्थान प्राप्त नहीं कर पाया तो उससे बजट की पूरी राशि रिकवरी की जाएगी।
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डीईओ को भेजनी होगी रिक्वेस्ट
जो भी स्कूल सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन की दावेदारी पेश करता है तो उस स्कूल के प्राचार्य को जिला शिक्षा अधिकारी के पास एक मेल भेजनी होगी, जिसमें बजट लेने के लिए उसे बेहतर परिणाम के लिए दावा करना होगा। उसके बाद डीईओ की तरफ से उस मेल पर दस्तावेज संबंधी सभी कार्य पूरी कर उस स्कूल को बजट दिया जाएगा, जिसकी पूरी निगरानी जिला शिक्षा अधिकारी की निगरानी में होगी। बेहतर प्रदर्शन न करने पर डीईओ की तरफ से स्कूल से बजट की राशि रिकवरी की जाएगी। साथ ही डीईओ इस बजट से संबधित पूरा लेखा-जोखा भी चेक करेंगी।
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