करनाल। दानवीर कर्ण की नगरी करनाल में सोमवार को धरने पर बैठे जेबीटी टीचरों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए राह चलते लोगों व लघु सचिवालय के अंदर बैठे कर्मचारियों से हाथ में कटोरा लेकर भीख मांगी। जेबीटी टीचरों ने गले में सीएम मनोहर लाल खट्टर ओर शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की तस्वीर लटका कर करीब आधे घंटे तक भीख मांगी। इस दौरान जेबीटी को सिर्फ 92 रुपये ही भीख में मिले। वहीं डीसी ऑफिस में भीख मांगने पहुंचे जेबीटी को भीख में एक रुपये भी नहीं मिला। जेबीटी इस पैसे को प्रदेश की जनता के मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेंगे। विदित हो कि शिक्षा विभाग ने लो मेरिट के आधार पर 1259 जेबीटी को टर्मिनेट कर दिया है, जिसके कारण निकाले गए जेबीटी पिछले कई दिनों से लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए जेबीटी प्रति दिन अलग तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। जेेबीटी ने शनिवार को जहां झाडू़ लगाकर और रविवार को गाड़ियों को साफ करके प्रदर्शन किया था। वहीं सोमवार को सभी जेबीटी ने सड़क पर आते-जाते लोगों व सचिवालय के अंदर मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों से हाथ में कटोरा लेकर भीख मांगी। करीब आधे घंटे तक चले इस भीख मांगने की प्रक्रिया में जेबीटी को राह चलते लोगों से भीख के रूप में 92 रुपये मिले। यहां से भीख मांगते हुए सभी जेबीटी सचिवालय के अंदर डीसी ऑफिस पहुंची। जेबीटी ने यहां मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों से भी भीख मांगी, लेकिन यहां जेबीटी को भीख में एक रुपये भी नहीं मिले। जेबीटी जिसके पास भी गए, वहीं मुंह फेर लिया। जेबीटी मुकेश ने बताया कि भीख के रूप में जो पैसा एकत्रित हुआ है, उसे मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराया जाएगा। जिससे मुख्यमंत्री इस पैसे से जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकें। जेबीटी टीचरों ने कहा कि आज सरकार ने हमें सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर कर दिया है हमारी मांग है की सरकार हमारा टर्मिनेशन आर्डर कैंसल करे और हमें हमारा रोजगार दिया जाए कल हमें मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरेंद्र सिंह से मुलाकात का समय मिला हुआ है अगर हमारी मांग नहीं पूरी हुई और कोई हल नहीं निकला तो अपना प्रदर्शन और कल से ओर तेज करेंगे।