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लिंग जांच के आरोप में वीरेंद्र अस्पताल के दो डॉक्टरों सहित एक दलाल पर मामला दर्ज

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लिंग जांच के आरोप में वीरेंद्र अस्पताल के दो डॉक्टरों सहित एक दलाल पर मामला दर्ज
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। असंध के वीरेंद्र अस्पताल में चल रहे लिंग जांच के गोरखधंधे पर स्वास्थ्य विभाग ने नकेल कसी है। स्वास्थ्य विभाग जींद की टीम को वीरवार को सूचना मिली थी कि जिला जींद की गर्भवती महिला कुछ दलालों के माध्यम से असंध के वीरेंद्र अस्पताल में जाकर गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग जांच करवा रही है। दोनों जिलों की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक फर्जी गर्भवती महिला को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए भेजा। दलाल से 22 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद अस्पताल पहुंचे। आरोपी डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के बाद बिना हस्ताक्षर के रिपोर्ट दी और गर्भ में लड़का होने की बात कही। इस पर विभाग की टीम ने आरोपी दलाल को मौके से काबू कर लिया और दलाल सहित दो डॉक्टरों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। विभाग की टीम ने आरोपियों से 22 हजार रुपये की राशि भी बरामद की है। यह जानकारी सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने दी।
डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि इस सूचना पर जींद टीम ने एक गर्भवती महिला को इस काम को करने के लिए राजी किया और गांव अलेवा के रहने वाले दलाल महेंद्र सिंह से एक सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से बात की। दलाल महेंद्र ने गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग जांच करवाने के लिए 22 हजार रुपये की मांग की। जींद टीम ने 22 हजार रुपये सामाजिक कार्यकर्ता को दिए तथा साथ में गर्भवती महिला को भी भेज दिया। महेंद्र दलाल महलिा को लेकर असंध के वीरेन्द्र अस्पताल में पहुंचा। अस्पताल पहुंचकर दलाल महेंद्र ने 22 हजार रुपये सामाजिक कार्यकर्ता से लिए और इनमें से एक 2 हजार रुपये का नोट रिस्पशनिस्ट को दिया। इसमें से उसने 1500 रुपये वापस दे दिए। वीरेन्द्र अस्पताल की डॉक्टर नम्रता डुडेजा ने गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड किया और रिपोर्ट बिना हस्ताक्षर किए मरीज को दे दी। जींद टीम ने इसकी सूचना उन्हें दी। उन्होंने डॉ. राजेंद्र की अध्यक्षता में एक टीम का गठन कर असंध के वीरेंद्र अस्पताल भेजा। दोनों टीमों ने सर्च किया और आरोपी महेंद्र से 2 हजार रुपये की रिकवरी की। इसके बाद महेंद्र के कहे अनुसार 20 हजार रुपये अलेवा के न्यू बीज भण्डार की दुकान से एक व्यक्ति से बरामद किए गए। विभाग की टीम ने वीरेंद्र अस्पताल के संचालक डॉ. वीरेंद्र शर्मा, डॉ. नम्रता डुडेजा और दलाल महेंद्र के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत असंध थाना में मामला दर्ज करवा दिया है। पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इससे पहले भी असंध से 15 अप्रैल 2017, 8 मई 2017, 19 मई 2016, एक नवम्बर 2016 और 22 अप्रैल 2016 को पीएनडीटी तथा एमटीपी एक्ट के तहत मामले दर्ज करवाए हैं।
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लिंग जांच की सूचना देने वालों को मिलेंगे 1 लाख रुपये
सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने आम जन से अपील की है कि गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग जांच करवाने वाले दलालों से बचकर रहें। इस प्रकार के दलाल आम जनता को लिंग जांच के नाम पर लूट रहे हैं तथा जिला करनाल में यदि कहीं पर भी कोई अवैध लिंग जांच व अवैध गर्भपात करवाता है, तो उसकी सूचना उपायुक्त करनाल, सिविल सर्जन करनाल अथवा उप सिविल सर्जन (पीएनडीटी) करनाल को दें। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले का नाम व पता गुप्त रखा जाएगा तथा सूचना सही पाए जाने पर हरियाणा सरकार की हिदायतों अनुसार एक लाख रुपये का नकद ईनाम भी गुप्त रूप से दिया जाएगा।
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