संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। देवउठनी एकादशी पर शहर में सौ से अधिक शादियां होंगी। बरातघर, बैंडबाजे आदि की बुकिंग के आधार पर केटरिंग और इवेंट मैनेजमेंट व्यवसाय से जुड़े लोग यह दावा कर रहे हैं। देवउठनी एकादशी से विवाह व गृह प्रवेश के लिए अबूझ मुहूर्त शुरू हो जाते हैं, नवंबर और दिसंबर माह में कई शुभ तिथि है। कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है।
श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित षष्ठी बल्लव के अनुसार मान्यता है कि देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निंद्रा से जागते हैं। इस दिन से ही शुभ व मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। कहा जाता है कि इस व्रत को करने से पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति सभी सुखों को भोगकर अंत में मुक्ति पाता है। इसी दिन सभी मंदिरों में तुलसी शालीग्राम विवाह होंगे।
पंडित षष्ठी बल्लव के अनुसार कार्तिक शुक्ल द्वादशी की शुरुआत 2 नवंबर को सुबह 7:31 बजे से होगी। समापन 3 नवंबर को सुबह 5:7 बजे होगा। तुलसी विवाह 2 नवंबर को ही होगा। देवउठनी एकादशी से विवाह व गृह प्रवेश के लिए अबूझ मुहूर्त शुरू हो जाते हैं, नवंबर और दिसंबर माह में कई शुभ तिथि है।
बंगला स्वीट के संचालक सचिन ने बताया कि उनके पास अग्रवाल भवन में 2 नवंबर को सुबह और रात को लगभग चार कैंटरिंग बुक हैं। दुकान पर लगभग 10 शादियों के ऑर्डर बुक हैं। शहर में इस दिन लगभग 100 के करीब शादियां होने का अनुमान है। पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि पंडितों के पास 2 नवंबर की बुकिंग काफी हैं। गोल्ड़न मूमेंट के संचालक सुनील बिंदल के अनुसार बरातघर पहले से ही बुक कर लिए गए हैं। दो नवंबर के लिए अब कोई बरातघर या होटल खाली नहीं है।
विवाह के शुभ मुहूर्त
नवंबर के प्रमुख विवाह मुहूर्त 2, 3, 6, 8, 12, 13, 21 से 25 नवंबर तक। दिसंबर के 4, 5 और 6 दिसंबर को विवाह, गृह प्रवेश या नए कार्यालय का शुभ मुहूर्त है।
फोटोग्राफर की फीस दोगुनी
फोटोग्राफी व्यवसाय से जुड़े विकास ढ़ीगडा ने बताया कि दो नवंबर को इतनी शादियां है कि अच्छे फोटोग्राफरों की टीम पंजाब और मुंबई से मंगवाई गई है। उनके पास चार शदियां और अन्य कार्यक्रम है। अच्छे फोटोग्राफरों की बहुत डिमांड है। उन्होंने फीस दोगुना तक बढ़ा दी है।