करनाल। सरकारी नौकरी लगवाने के नाम एक व्यक्ति के साथ 1.25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस दी शिकायत में सेक्टर 6 निवासी सुशील कुमार ने बताया कि मुगल कैनाल बाजार में उनकी निजी फर्म का कार्यालय है। 2017 में उसके पड़ोस में ही एक निजी कार्यालय कृष्ण वासी निर्मल विहार ने भी बनाया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात कृष्ण व उनके बेटे कमल वासी जैनपुर से हुई। कृष्ण उस समय पंचकूला में किराए पर रहता था और निजी कंपनी से जुड़ा था। उसने बताया था कि उसकी पहचान हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के अधिकारियों से है और वह सरकारी नौकरी लगवा सकता है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने उसे राकेश कुमार उर्फ पप्पू वासी गांव बीर घग्गर जिला पंचकूला व डीके उर्फ धर्मेद्र वासी पंचकूला हाल बद्दी हिमाचल व नवीन वासी खेङ़ी साध जिला रोहतक से मिलवाया। आरोपियोें पर भरोसा कर उसने पिलूखेड़ा वासी सोनू से आठ लाख रुपये, तरावड़ी वासी जगतार से दो लाख रुपये, रामपाल वासी कैथल से आठ लाख रुपये, संजीव वासी बड़ौता से चार लाख रुपये, सुरेंद्र कौर वासी कुरुक्षेत्र से नौ लाख रुपये, पलविंद्र से पांच लाख रुपये, बलवान जांबा से दो लाख रुपये, प्रतिभा से दो लाख रुपये सहित अपने जानकारों व रिश्तेदारों से भी राशि ली और एक करोड़ 25 लाख रुपये आरोपियों को अलग-अलग समय पर दे दिए लेकिन किसी भी लिस्ट में जब इनका नाम नहीं आया तो आरोपी वेटिंग लिस्ट में आने का भरोसा देते रहे। जब वेटिंग लिस्ट में भी इनके नाम नहीं मिले तो राशि लौटाने को कहा, जिस पर आरोपियों ने उसे धमकी देनी शुरू कर दी।
सेक्टर 32 थाना प्रभारी एसएचओ गुरविंद्र सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।