कैथल। जिला रोजगार कार्यालय में युवाओं को बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए अलग से आय प्रमाणपत्र नहीं देना होगा। विभाग ने अब परिवार पहचान पत्र के आधार पर ही आय को मान्य किया है। बता दें कि इससे पहले आय प्रमाणपत्र के लिए युवाओं को तहसील कार्यालय में कई-कई दिनों तक आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए चक्कर काटना पड़ता था। इससे समय के साथ-साथ कागजात तैयार करवाने के लिए अतिरिक्त पैसे चुकाने पड़ रहे थे। अब पैसों की बचत के साथ-साथ समय भी बचेगा, वहीं समय पर युवा बेरोजगार भत्ता ले सकते हैं।
युवा सुरेश ने बताया कि बेरोजगारी भत्ता के लिए अलग से आय प्रमाणपत्र जमा करवाना होता था। आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए विभिन्न विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे। इससे समय खराब हो जाता था। अब पहचान पत्र से आय मान्य का अच्छा फैसला लिया गया है। इससे समय की बचत होगी।
युवा नरेंद्र ने बताया कि बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए आय प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया जटिल थी, जिसकी अब आवश्यकता नहीं रही है। परिवार पहचान पत्र के बाद कार्यालयों के चक्कर काटने से राहत मिलेगी।
37 हजार 846 युवा ले रहे बेरोजगारी भत्ता
बता दें कि इस समय जिले के 37 हजार 846 युवा रोजगार कार्यालय से भत्ता ले रहे हैं। इसमें 12वीं पास 26 हजार 325, बीए के आठ हजार 310 व एमए के 3 हजार 211 युवा शामिल हैं। विभाग की तरफ से 12 पास युवाओं को 900 रुपये, ग्रेजुएट को 1500 रुपये व पोस्ट ग्रेजुएट को तीन हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। रोजगार कार्यालय के सुपरिटेंडेंट विक्रम सैनी ने बताया कि ऑनलाइन साइट से आय प्रमाणपत्र वाले विकल्प को हटा दिया गया है।