गुहला-चीका। विश्वकर्मा मंदिर परिसर में शहीदी दिवस पर जलियांवाला बाग के नायक और जंग-ए-आजादी के महान क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पतंजलि योग समिति के इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पतंजलि जिला प्रभारी व आचार्य हरिओम शोकल ने उनके बलिदान को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता और तरक्की के लिए काम करना ही देश के सभी शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग़ में जनरल डायर ने हज़ारों निर्दोष भारतीयों पर गोलियां चलवा दी थीं। मात्र 19 वर्ष की उम्र में उधम सिंह ने यह क्रूरता अपनी आंखों से देखी और तभी बदला लेने का संकल्प लिया। 21 वर्षों तक उस संकल्प को सीने से लगाए वे इंग्लैंड पहुंचे और 13 मार्च 1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में माइकल ओ डायर को गोली मारकर भारत की अस्मिता का बदला लिया। शोकल ने कहा कि उधम सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं। ंकार्यक्रम में पतंजलि तहसील प्रभारी चरणदास गुप्ता, युवा तहसील प्रभारी महावीर प्रजापति, ईश्वर सिंगला, इंद्रमोहन मित्तल, सुशील जिंदल, कश्मीरी लाल गर्ग, डिंपल कुमार, दीपक जिंदल मौजूद रहे। संवाद