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कृषि मंत्री बोले-जब नमी ठीक है तो बारदाना क्यों नहीं दे रहे

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कैथल। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बुधवार सुबह नई अनाज मंडी का दौरा किया। आढ़तियों की बारदाना न मिलने की शिकायत पर उन्होंने खरीद एजेंसियों से कहा कि जब नमी खरीदने लायक है तो बारदाना क्यों नहीं दिया जा रहा? इस पर खरीद एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि बारदाना दे दिया जाएगा। इसके बाद मंत्री ने गेहूं की पांच ढेरियों की बोली करवाई। नमी ठीक मिलने पर उन्हें मार्केट कमेटी व खरीद एजेंसी के रजिस्टर में अंकित किया गया। साथ ही तीन अप्रैल से गेहूं की बिक्री का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिली और विधिवत गेहूं की खरीद शुरू हो गई।
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एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होनी थी लेकिन नमी की बात कहकर अधिकारी खरीद नहीं कर रहे थे। मंत्री ने बुधवार को मंडी में पहुंचकर पहले गेहूं की खरीद शुरू करवाई। इसके बाद एक सरसों की ढेरी बिकवाने का प्रयास किया। किसान 6200 रुपये प्रति क्विंटल की मांग करने लगा लेकिन खरीदार फर्म ने 6150 रुपये तक कीमत लगाई। मंत्री के जाने के बाद यह सौदा हुआ।
मंत्री ने मार्केट कमेटी कार्यालय में आढ़तियों की समस्याएं भी सुनीं। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामलाल गर्ग, जिला प्रधान अश्वनी शोरेवाला, धर्मपाल कठवाड़ व पूर्व प्रधान कृष्ण मित्तल सहित बड़ी संख्या में आढ़ती बैठक में मौजूद रहे। आढ़तियों ने मंत्री के सामने मंडी में बारदाना न मिलने की बात कही तो मंत्री ने निर्देश जारी किया कि मंडी में बारदाने की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। इसके बाद आढ़तियों ने सरकार की ओर से पूरी ढाई प्रतिशत की आढ़त न मिलने की बात कही। साथ ही आढ़तियों ने दो साल पहले की मजदूरों की 1.88 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मजदूरी लंबित होने की शिकायत की। विस्तार अनाज मंडी में अलॉट हो गई दुकानों के लिए अलॉटमेंट लेटर न मिलने की शिकायत भी की। कहा इससे आढ़ती वहां बिजली और पानी का कनेकशन नहीं ले पा रहे हैं। आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामलाल गर्ग, जिला प्रधान अश्वनी शोरेवाला ने बताया कि आढ़तियों की आढ़त और मजदूरी सहित बारदाने की समस्या मंत्री के सामने रखी गई।
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नमी मापने के यंत्र संचालन में कर्मचारी निपुण नहीं
कृषि मंत्री के दौरे से पहले एसडीएम कैप्टन मनीष कुमार लोहान की मौजूदगी में कर्मचारियों ने एक गेहूं की ढेरी का तापमान जांचा तो पहले छौत के करनैल सिंह की ढेरी के तापमान में 14.08 प्रतिशत नमी बताई। जब ठीक से मापने को कहा गया तो यह 11.07 प्रतिशत आई। इसी प्रकार खुराना गांव के नरंजन की ढेरी में नमी पहले 15 फिर 11.6 प्रतिशत मिली। बाद में दोनों ढेरियों को खरीदा गया। नमी मापक यंत्र संचालन को लेकर कर्मचारी निपुण नहीं पाए गए। विदित हो कि गेहूं खरीद के लिए नमी 12 प्रतिशत होनी अनिवार्य है।
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