15-कैथल। ओपीडी वार्ड के बाहर लगी महिलाओं की भीड़।
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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञों की कमी के चलते शुक्रवार को जांच व इलाज के लिए पहुंची गर्भवती महिलाओं को काफी इंतजार करना पड़ा। दरअसल, महिलाओं की भीड़ ज्यादा थी और डॉक्टर महज एक। हालात यह हो गई कि कई महिलाओं को फर्श पर बैठने तक की जगह नहीं मिल पाई। ऐसे में गर्भवतियों को काफी दिक्कतें हुईं। बाद में उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ रोष भी जताया। जांच कक्ष में अटेंडेंट न होने के कारण दोपहर बाद तक यही स्थिति रही।
जांच करवाने के लिए आईं रितू, पिंकी, ज्योति, रजनी, संगीता व कुलविंद्र ने बताया कि वे सुबह करीब 11 बजे से इंतजार कर रही हैं। डेढ़ घंटे से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन इंतजार खत्म नहीं हुआ। पहले टेस्ट करवाने के लिए लाइनों में लगना पड़ा और अब जांच के लिए इंतजार में बैठी हैं। उन्होंने कहा कि अब तक उन्हें बैठने के लिए जगह भी नहीं मिल पाई।
गौरतलब है कि नागरिक अस्पताल में जांच और इलाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम से कम पांच महिला डॉक्टरों की जरूरत है, लेकिन यहां सिर्फ दो डॉक्टरों के भरोसे काम चलाया जा रहा है। शुक्रवार को केवल एक महिला एमबीबीएस डॉक्टर के भरोसे जांच का पूरा कार्य रहा। एक डॉक्टर को पूरे दिन गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के कार्य में रहना पड़ा। दूसरा बृहस्पतिवार को छुट्टी होने के कारण महिलाओं की संख्या भी बढ़ गई थी। सामान्य दिनों में महिला जांच कक्ष में कम से कम दो डॉक्टर तैनात रहती हैं, लेकिन शुक्रवार को केवल एक डॉक्टर मौजूद रही। ओपीडी सामान्य दिनों में 200 से 225 के करीब रहती है, लेकिन शुक्रवार को 270 के करीब महिलाओं की ओपीडी हुई। ऐसे में सुबह से लेकर दोपहर बाद तक महिलाओं की भीड़ लगी रही।
इस संबंध में जिला नागरिक अस्पताल की कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेनू चावला ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के चलते कार्य प्रभावित हुआ। एक दिन की छुट्टी के बाद अन्य दिनों से ज्यादा महिलाएं जांच के लिए पहुंच गई। उन्होंने बताया कि थोड़ा समय तो लगा, लेकिन सभी महिलाओं की जांच की गई।