कलायत। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कैथल सर्कल कार्यालय में वित्तीय भ्रष्टाचार के मामले की विजिलेंस जांच पेचीदा होती जा रही है। शिकायतकर्ता राधेश्याम प्रजापति ने मामले की जांच शुरू करने की मांग की थी।
विजिलेंस विभाग ने 15 जनवरी को अधीक्षक अभियंता अरविंद रोहिल्ला और राधेश्याम प्रजापति को मुख्यालय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। जांच शुरू होने से पहले ही अधीक्षक अभियंता 12 से 16 जनवरी तक छुट्टी पर चले गए। मुख्य सतर्कता अधिकारी ने जांच की तिथि 19 जनवरी तक स्थगित की, लेकिन अधीक्षक अभियंता 19 से 22 जनवरी तक फिर से अवकाश पर चले जाने के कारण जांच में बाधा उत्पन्न हुई।
शिकायतकर्ता राधेश्याम प्रजापति ने मुख्य सतर्कता अधिकारी को मेल भेज कर बार-बार आदेशों की अवहेलना, साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका और निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि संबंधित सभी रिकॉर्ड, फाइलें, बिल, टेंडर दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा विजिलेंस विभाग के कब्जे में लेकर शिकायतकर्ता की उपस्थिति में विधिवत सील किए जाएं।
प्रजापति का कहना है कि जांच में कई अधिकारी बेनकाब होंगे जिन्होंने सरकारी पद का दुरुपयोग कर अलग-अलग शहरों में बेनामी संपत्ति जमा की है। उनके अनुसार भ्रष्टाचार निरंकुश होकर फैल रहा है, जिसमें महाग्राम योजना घोटाला, रिकॉर्ड छेड़छाड़, फर्जी जांच, आय से अधिक संपत्ति, बेनामी निवेश, मनी लांड्रिंग और फर्जी भुगतान जैसी गंभीर घटनाएं शामिल हैं। संवाद