कैथल। जिले में पराली जलाने के दो नए मामले आए हैं। ये दोनों मामले गुहला ब्लाक में मिले हैं। जिले में अब तक 186 स्थानों पर धान के अवशेष जलाए गए। जिससे हवा में धुंआ मिला और प्रदूषण बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि धान के अवशेष जलाने पर अब तक 260 किसानों पर करीब दो लाख 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया, जिसमे से दो लाख 20 वसूला जा चुका है। वहीं, सरकार के आदेश पर पुलिस ने सख्ती करते हुए करीब 96 किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई।
जब धान के अवशेष जलने बंद नहीं हुए तब पुलिस ने 38 किसानों को गिरफ्तार भी किया है। 125 मामलों में मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की गई है। किसानों को जागरूक करने के लिए जागरूकता वाहन गांव-गांव जा रहे हैं।
किसानों को सरकार की ओर से कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि वे फसल अवशेषों का सही से प्रबंधन कर सके। वहीं, फसल अवशेष जलाने वालों को एसपी ने कहा कि यदि कोई फसल अवशेष जलाता पाया जाता है तो उस पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. बाबू लाल ने बताया कि हरसेक के माध्यम से 184 पराली जलाने के मामले सामने आए हैं। किसानों पर दो लाख 90 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है और 125 मामलों में मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की गई है। संवाद