रोड़वेज बस में खिड़की पर लटककर सफर करते युवा। संवाद
कसान। चौशाला, वजीरनगर और कैलरम गांव के विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को कैथल आने-जाने के लिए पर्याप्त रोडवेज बस सेवा नहीं मिल रही है। सुबह के समय तीनों गांवों के लिए केवल एक ही रोडवेज बस होने के कारण रोजाना भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को बस के दरवाजों और सीढ़ियों पर लटक कर सफर करना पड़ रहा है। इससे हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने हरियाणा रोडवेज से इस रूट पर अतिरिक्त बसें चलाने की मांग की है।
खिड़कियों पर लटकने को मजबूर छात्र
छात्र नेता जगदीप ने बताया कि चौशाला से सुबह कैथल के लिए एक रोडवेज बस चलती है, जो वजीरनगर और कैलरम गांव से होकर गुजरती हैं। सुबह कॉलेज, आईटीआई, कोचिंग संस्थानों और दफ्तरों में जाने वाले विद्यार्थियों और कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के कारण बस चौशाला से ही लगभग भर जाती है। वजीरनगर और कैलरम पहुंचने तक बस में खड़े होने तक की जगह नहीं बचती। उन्होंने बताया कि मजबूरी में कई छात्र-छात्राएं बस के दरवाजे, सीढ़ियों और खिड़कियों के पास खड़े होकर सफर करते हैं। कई बार बस में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन जाती है। इससे अभिभावकों में भी बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंता बनी रहती है। उनका कहना है कि हर दिन जोखिम उठाकर कॉलेज पहुंचना विद्यार्थियों की मजबूरी बन गया है।
चलाई जाएं अतिरिक्त बसें
कैलरम निवासी सतबीर ने कहा कि यदि सुबह के समय इस रूट पर एक या दो अतिरिक्त रोडवेज बसें चलाई जाएं या मौजूदा बसों के फेरे बढ़ाए जाएं, तो यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है। इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ नौकरीपेशा लोगों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों को भी सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
रोडवेज बसों पर निर्भर बड़ी आबादी
ग्रामीणों का कहना है कि तीन गांवों की बड़ी आबादी कैथल आने-जाने के लिए रोडवेज बसों पर निर्भर है लेकिन पर्याप्त बस सेवा नहीं होने से उन्हें रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने हरियाणा रोडवेज और कैथल डिपो प्रशासन से मांग की है कि नए शैक्षणिक सत्र को देखते हुए जल्द अतिरिक्त बसें चलाई जाएं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और समय पर आवागमन की सुविधा मिल सके।
रोड़वेज बस में खिड़की पर लटककर सफर करते युवा। संवाद
रोड़वेज बस में खिड़की पर लटककर सफर करते युवा। संवाद
रोड़वेज बस में खिड़की पर लटककर सफर करते युवा। संवाद