कैथल। मैनेजर को बर्खास्त करने के कारण निलंबित किए गए द पट्टी अफगान कोऑपरेटिव सोसाइटी के प्रधान ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनका आरोप है कि सवा तीन लाख रुपये के क्रेट खरीदे गए लेकिन वे केंद्र तक पहुंचे नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सोसाइटी अधिकारियों ने मामले की जांच करवाने की बजाय घोटाले को दबा दिया और सात सदस्यों को निलंबित किया है।
उन्होंने कहा कि वह अपने व अपने साथियों के निलंबन को लेकर आगामी 12 जून को एआर कोऑपरेटिव सोसाइटी कार्यालय में अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे आला अधिकारियों के पास अपील करेंगे। उन्होंने मामले की जांच बारीकी से कराने के लिए भी मांग की है। दूसरी ओर मैनेजर ने सफाई देते हुए कहा कि एडवांस भुगतान किया गया। सोसाइटी चाहेगी तो भुगतान वापस ले लिया जाएगा।
गौरतलब है कि चेक में अनियमितता बताते हुए सोसाइटी के मैनेजर सतपाल को समिति के दस में से सात सदस्यों ने एक प्रस्ताव पारित कर बर्खास्त कर दिया था। इसे अवैध बताते हुए मैनेजर की शिकायत पर एआर कैथल ने यह काम करने वाले सात सदस्यों को ही निलंबित करते हुए 12 जून को सुनवाई के लिए तलब किया है।
उधर, कोऑपरेटिव सोसाइटी के प्रधान संजीव ऊर्फ टिंडा ने कहा कि उन्हें पता चला था कि कोऑपरेटिव सोसाइटी में खाद के कट्टे रखने के लिए लकड़ी के क्रेट खरीदे हैं। इसके लिए तीन लाख 25 हजार 660 रुपये का चेक काटा गया। जिसका भुगतान भी कर दिया। जबकि उनके अधीन आने वाले किसी भी खरीद केंद्र में ये लकड़ी के क्रेट नहीं पहुंचें। दो खरीद केंद्रों पर यह क्रेट रखने की जगह ही नहीं है। ऐसे में उन्होंने जब मैनेजर से उक्त तीन लाख रुपये से अधिक के भुगतान के बारे में पूछा तो कोई जवाब नहीं दिया। इस कारण उसकी बर्खास्तगी के लिए प्रस्ताव पारित कर आला अधिकारियों को भेजने की बात कही थी।
सोसाइटीज के सहायक रजिस्ट्रार ने समिति सदस्यों की बात मानने की बजाए मैनेजर को बहाल कर दिया और उन सात सदस्यों को निलंबित किया है। वे अब 12 जून को एआर के सामने अपना पक्ष रखेंगे। प्रधान ने यह भी कहा कि उन्हें पता चला है कि इस तरह का भुगतान कई पैक्सों में से हुआ है। इस तीन लाख 25 हजार रुपये के भुगतान के लिए समिति पदाधिकारियों से अनुमति भी नहीं ली गई है। ऐसे में इस चेक को बैंक से पास करने वाले अधिकारियों से भी पूछताछ होनी चाहिए। उन्होंने बिना समिति सदस्यों के सहमति या प्रस्ताव के भेजे गए चेक को कैसे पास कर दिया? इस पूरे मामले की बारीकी से जांच करवाए जाने की आवश्यकता है।
सोसाइटी के मैनेजर सतपाल ने दो टूक कहा कि क्रेट खरीदने के लिए एडवांस भुगतान किया है। सोसाइटी यदि नहीं खरीदना चाहती तो पैसे वापस ले लिए जाएंगे। गड़बड़ी जैसी कोई बात नहीं है। उधर, इस संबंध में बार-बार प्रयास करने के बावजूद एआर कृष्ण चंद का फोन रिसीव नहीं हुआ। कार्यालय में पता करने पर पता चला कि वे शुक्रवार को करनाल गए हुए हैं। जिला रजिस्ट्रार ने कहा कि यदि बिना सामान के भुगतान किया है तो जांच करवाई जाएगी।