कैथल। नवरात्र शुरू होते ही माता रानी के दर्शन व पूजा अर्चना के लिए सुबह के समय मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। श्रद्धालुओं ने माता रानी की पूजा अर्चना की और मंदिर से माता की जलती ज्योत लेकर अपने अपने घरों तक पैदल पहुंचे। बड़ी देवी मंदिर के पुजारी पंडित शिवचरण शर्मा ने कहा कि पहले नवरात्र पर काफी संख्या में माता दर्शन करने के लिए श्रद्धालु पहुंचे।
पुजारी शिवचरण ने बताया कि कई श्रद्धालु मंदिर से अपने घरों, मंदिरों व गोशाला में अखंड ज्योत ले गए और घट की स्थापना की गई। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा के स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की। नवरात्र के पावन अवसर पर मंदिरों को खूब सजाया गया है। शहर में बड़ी देवी मंदिर, श्री ग्यारह रुद्री मंदिर, श्री अरुणेश्वर मंदिर सहित अन्य कई मंदिरों को बड़े ही भव्य तरीके से सजाया गया है। जो श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र बने हुए है। इनमें कई मंदिरों का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। वहीं हनुमान वाटिका स्थित देवी मंदिर में मां शीतला की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम किया गया। नवनिर्मित मंदिर में मां शीतला की प्रतिमा मंत्रोच्चारण के साथ स्थापित की गई।
इस मौके पर पांच विद्वान पंडितों ने चार घंटे तक मंत्रों का जाप किया। इसके बाद घट स्थापना कर मां की पूजा अर्चना की। मंदिर के पुजारी विशाल शर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर में माता शीतला व अंजनी माता की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम था। विधि विधान से मां की मूर्ति स्थापित की है। नौ अप्रैल को इस उपलक्ष्य में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
मां काली के दर्शन करने के लिए ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचे श्रद्धालु
लंबी कतारों में लग नव युगल जोड़ों ने किए मां के दर्शन
कैथल। माता गेट स्थित प्राचीन काली माता मंदिर में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। सुबह चार बजे से लगी श्रद्धालुओं की कतार दिनभर लगी रही। ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचकर श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन किए। सीवन गेट व अर्जुन नगर चौक पर श्रद्धालुओं की भीड़ होने के कारण दोपहर एक बजे तक जाम की स्थिति बनी रही। पूजा अर्चना के बाद जब लोग लौटे तो जाम की स्थिति से निजात मिली।
शनिवार को सुबह से लेकर शाम तक लगभग 30 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका और मनोकामना पूर्ण की। जाम की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन का भी काफी सहयोग रहा। पुलिस कर्मियों ने वाल्मीकि चौक, अर्जुन चौक, डोगरा गेट व सीवन गेट पर नाका लगाया और शहर के अंदर से आने वाले वाहनों का रूट बदला, ताकि शहर में जाम न लगे। श्रद्धालुओं ने माता के जयकारों के साथ शृंगार का सामान, नारियल, चुनरी अर्पित कर मंगल कामना की। नव युगलों ने विशेष तौर पर माता के दर्शन कर मन्नतें मांगीं। बाजीगर समुदाय के लोग माता के दर्शन करने के लिए अधिक आते हैं।
देश के पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित अन्य राज्यों से भी बाजीगर समुदाय के लोग माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। राजस्थान से आए श्रद्धालु राजन, फूलराम, विक्रम, कपिल व रामकुमार ने कहा कि मान्यता है कि माता के दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। समाज में जिस भी बच्चे का विवाह होता है उसे जात देने के लिए यहां पर आना पड़ता है।
श्रद्धालुओं ने लगाया भंडारा
कई श्रद्धालु ऐसे थे जिनकी माता रानी की कृपा से मनोकामना पूर्ण हुई। इस उपलक्ष्य में श्रद्धालु जलेबी, लड्डू, बूंदी, सब्जी व पूरी का भंडारे लगाए हुए थे। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि उनके घर माता रानी की कृपा से लड़का पैदा हुआ है। इस खुशी में उन्होंने माता के दरबार में भंडारा लगाया है।
There was an influx of faith in the temples, from morning till evening there was an influx of devotees- फोटो : Kaithal