संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय स्थित वीडियो कांफ्रेंस हाल में सोमवार को उपायुक्त प्रीति ने सीवर सफाई व्यवस्था के संदर्भ में संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस मौके पर डीसी प्रीति ने कहा कि सीवरेज व सेप्टिक टैंकों की सफाई मशीनों के माध्यम से करवाई जाए, ताकि कोई भी जान-माल की हानि न हो।
उन्होंने कहा कि सीवर की सफाई के दौरान कई घटना न घटे, संबंधित विभाग इसके लिए पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ कार्य करें। किसी व्यक्ति को सीवर के अंदर न भेजा जाए। आपात स्थिति में यदि सफाई करवानी पड़े तो आवश्यक सुरक्षा उपायों व उपकरणों के साथ निर्देशों का पालन करवाते हुए करवाई जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले सीवर सफाई कार्य के लिए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी व जिला परिषद के सीईओ के साथ जन स्वास्थ्य विभाग के साथ तालमेल करते हुए डाटा अपडेट तथा सीवर सफाई का कार्य की रिपोर्ट प्राप्त करना सुनिश्चित करें। सीवर सफाई का कार्य अधिकृत एजेंसी द्वारा ही किया जाए, यदि कोई अनधिकृत एजेंसी कार्य कर रही हैं, उनकी पहचान करके कार्रवाई अमल में लाई जाए। जन स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल कोई भी मुआवजा से संबंधित केस लंबित नहीं है। इस मौके पर जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता एके गिल आदि मौजूद रहे।
आरएसए कमेटी गठन और डाटा अपडेट के निर्देश
जन स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त मोहम्मद शाइन वीडियाे कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी उपायुक्तों को आवश्यक निर्देश दिए। सीवर से संबंधित डाटा को नमस्ते पोर्टल पर अपडेट किया जाए। नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत कार्ड का ई-केवाईसी के कार्य को समय पर पूरा करवाएं। सीवर की सफाई के लिए कार्य करने वाली गाड़ियों का पंजीकरण हो। जिला स्तर पर रिस्पोंस सेनिटेशन अथोरिटी (आरएसए) कमेटी का गठन किया जाए, जिसके तहत डीसी ओवरऑल इंचार्ज तथा जन स्वास्थ्य विभाग, अर्बन लोकल बॉडी, एचएसवीपी सदस्य होंगे। सीवर सफाई में यदि कोई अप्रिय घटना घटती है और सीवरमैन की मृत्यु हो जाए तो उसके परिवार को मुआवजा देने में कोई भी देरी न की जाए। सीवर सफाई के दौरान हुई मृत्यु को लेकर दर्ज एफआईआर की रिपोर्ट की जांच एक सप्ताह में मुख्यालय भिजवाई जाए।