कैथल। जिले के मंदिरों में धार्मिक संगठनों की ओर से कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिरों में कीर्तन और हवन का आयोजन किया गया। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
पुरानी सब्जी मंडी स्थित श्री बालाजी मेहंदीपुर मंदिर में हनुमान उत्सव के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी भगत पंडित सतीश शर्मा ने बताया कि मंदिर में आयोजित हनुमान उत्सव पर श्री रामचरितमानस का अखंड पाठ किया गया। इसके बाद हवन कर भोग लगाया गया। श्री बालाजी मेहंदीपुर हनुमान मंदिर में भक्तों ने अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए भगवान की पूजा की। सभी को प्रसाद वितरित किया गया। सभी ने भंडारे में सेवा कर पुण्य अर्जित किया। पंडित सतीश शर्मा ने बताया कि हनुमान जयंती पर पूजा करने से भगवान हनुमान जल्दी प्रसन्न हो मनोकामनाएं पूरी करते है। सभी को इस दिन यथासंभव धार्मिक आयोजनों में भाग लेना चाहिए। उन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए शहर वासियों का धन्यवाद किया।
श्रद्धालुओं को बांटा लड्डुओं का प्रसाद
फोटो नंबर-07
कैथल। माल गोदाम रोड स्थित हनुमान मार्केट के संकट मोचन हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भंडारा लगाया गया। इसका शुभारंभ रविंद्र गुप्ता कोल्ड स्टोर वाले, प्रवीन गुप्ता सूर्य ट्रेडिंग कंपनी वाले एवं रमेश सचदेवा खाद वाले ने किया। इससे पहले हवन का आयोजन किया गया। हवन के बाद पवन शर्मा एडवोकेट ने लड्डुओं का प्रसाद वितरण किया गया। लगभग एक हजार भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। यह भंडारा संकट मोचन हनुमान भंडारा समिति की ओर से लगाया गया। इस मौके पर प्रवीन गुप्ता, सोनू गोयल, मोहित सिंगला, राजेश सिंगला, संजय सिंगला, सतपाल मंगला, सतपाल गुप्ता, जितेंद्र बंसल, ताराचंद गोयल, विक्रम गोयल, नवीन गर्ग, विशाल मित्तल, ज्ञानचंद भल्ला, कपूर चंद गोयल, लाजपत राय सिंगला आदि उपस्थित थे।
श्रद्धालुओं ने किया हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ
सीवन। भगवान हनुमान जन्मोत्सव पर्व पर सुबह से ही भक्त मंदिरों में पहुंच गए। उन्होंने कतार में लगकर बजरंग बली की पूजा की और परिवार की खुशहाली के लिए कामना की। श्रद्धालुओं ने पुष्प, सिंदूर, लड्डू और नारियल अर्पित कर भगवान हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। कई जगह भजन-कीर्तन, सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ का आयोजन किया गया। युवाओं और बच्चों ने भी जोश के साथ भाग लिया और भगवान हनुमान जी की मूर्तियों पर झंडे चढ़ाए।
इस अवसर पर श्रद्धालु प्रवेश, सुरेंद्र, सुरेश, भुवनेश, कार्तिक, चिराग, शिल्पा, सुमन, ममता दीपिका, शालिनी व सोनिया ने कहा कि वे हर वर्ष इस दिन व्रत रखते हैं और यह पर्व उनके जीवन की सबसे बड़ी ऊर्जा का स्रोत है। महंत धीरज पुरी ने कहा कि यह पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मबल, संकल्प और ईश्वर भक्ति का प्रतीक है। भगवान हनुमान जी की जन्म कथा हमें यह सिखाती है कि अगर दिल में सच्ची श्रद्धा और गुरु के प्रति पूर्ण समर्पण हो, तो कोई भी कार्य असंभव नहीं। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान जी, प्रभु राम भक्ति के सबसे श्रेष्ठ उदाहरण हैं, जिन्होंने सेवा, शक्ति और विनम्रता के अद्भुत संगम को जीवन में उतारा। महंत ने कहा कि युवाओं को उनके जीवन से सीख लेकर आत्मबल, निष्ठा और संयम को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान जन्मोत्सव का पर्व हमें यह स्मरण करवाता है कि विश्वास और भक्ति से बड़ा कोई अस्त्र नहीं होता। यही कारण है कि आज भी हर युग में भगवान हनुमान जी की अराधना उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी त्रेतायुग में थी।
हवन, कीर्तन के बाद लगाया भंडारा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
ढांड। श्री बाला जी हनुमान मंदिर ढांड में हनुमान जन्मोत्सव पर हवन, कीर्तन एवं भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने मंत्रोचारण के साथ हवन में आहुति डाली। महिलाओं ने हनुमान जी के जीवन पर आधारित भजन कीर्तन किए। इस अवसर पर हनुमान जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए पंडित चंद्रभान ने कहा कि हनुमान जन्मोत्सव हिंदु देवता के जन्म का उत्सव है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान चालीसा के पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। हमें प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विशेषकर मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में जाकर पूजा अर्चना करने से मनोकामना पूर्ण होती है।