जिला रोजगार कार्यालय में बेरोजगारों के मानदेय व भत्ते में घोटाले के मामले में विभाग मुख्यालय द्वारा गठित जांच कमेटी ने वीरवार को संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। जांच टीम में विभाग के उपनिदेशक रोजगार राजेंद्र पॉल, निदेशालय से जिला रोजगार अधिकारी संदीप सिंह व एजीएम हॉर्टट्रोन संजय सेठी सहित डीसी के प्रतिनिधि के तौर पर सीइओ जिला परिषद सुरेश राविश ने संबंधित पक्षों के ब्यान दर्ज किए।
विदित रहे कि कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से विभाग में सक्षम युवाओं के खाते खोले जाते हैं। जिन्हें सरकार की ओर से उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार 6000 व 9000 रुपये तक मानदेय दिया जाता है। इस मानदेय में कैथल में लाखों रुपये की गड़बड़ी हुई। लाखों रुपये की राशि पात्रों के खाते में भेजने की बजाए कथित तौर पर कॉमन सर्विस सेंटर से जुड़े लोगों के खातों में भेजा गया। इस मामले में विभागीय स्तर पर हुई जांच के बाद लाखों रुपये की रिकवरी भी की गई थी। बाद में विभाग मुख्यालय स्तर पर कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी ने वीरवार को जिला रोजगार कार्यालय में पहुंच कर संबंधित पक्षों के ब्यान दर्ज किए। जांच अधिकारियों ने कहा कि अभी कुछ नहीं बता सकते। जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि पूरा मामला क्या है और आगे क्या कार्रवाई होगी। सायं करीब छह बजे तक भी ब्यान दर्ज करने की कार्रवाई जारी थी।