संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। नगर के ज्यादातर तालाबों पर जलकुंभी का राज है। नगर के चारों ओर स्थित तालाबों में जलकुंभी व गंदगी के कारण तालाब भरे रहते हैं। सभी तालाब ओवरफ्लो हैं और इसके कारण से तालाबों का पानी सड़कों व गलियों में आ जाता है।
बारिश के दिनों में खास तौर पर लोगों को परेशानी होती है। इसके साथ ही गांव की गंदगी भी तालाबों में उड़ेली जा रही है जिसके कारण से तालाबों का स्वरूप बदल गया है। पहले यह तालाब बहुत काम आते थे। इन्हीं तालाबों का पानी पशुओं के लिए इस्तेमाल होता था। इन्हीं तालाबों के पानी का इस्तेमाल लोग कपड़े आदि धोने के लिए करते थे। इन्हीं तालाबों में बच्चे नहाते थे और तैराकी करते थे और यही तालाब रिचार्ज का काम भी करते थे।
इन्हीं तालाबों में मछली पालन भी हुआ करता था, लेकिन अब तालाबों के तलों में पॉलीथिन जमा हो चुके हैं और गंदगी की परत जमी है जिसके कारण पानी रिचार्ज नहीं हो पाता है। गंदगी और जलकुंभी के कारण तालाब का पानी दिखाई तक नहीं देता है और जहां से दिखाई देता है वहां से काला हो चुका है। पहले जब सीवन में ग्राम पंचायती थी तब कई बार ग्राम पंचायत ने तालाबों को साफ करवाने का प्रयास किया है।
मनरेगा के तहत तालाबों से जलकुंभी निकलवाई गई है परंतु कुछ ही समय के बाद दोबारा से जलकुंभी पूरे तालाब को कब्जे में ले लेती है। अब सीवन में नगरपालिका है और नगरपालिका की ओर से भी तालाबों की सफाई की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नगर के सौथा रोड स्थित तालाब, राडा जोहड़, सरकारी अस्पताल रोड पर स्थित तालाब, खंड कार्यालय के सामने मेन रोड पर स्थित तालाब, स्वर्गद्वार मंदिर के पास स्थित तालाब सभी तालाबों में जलकुंभी व गंदगी का वास है।
इसी के कारण मच्छरों व मक्खी को पनपने का सही वातावरण मिलता है और इसी कारण से सर्दी के दिनों में भी नगर से मच्छर समाप्त नहीं हो पाता है। नगर निवासियों ने मांग की है कि सही प्रकार से योजना बनाकर नगर के सभी तालाबों को साफ करवाया जाए, ताकि यह अपने पुराने स्वरूप में लौट सकें।