कैथल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने ऑनलाइन टीचर डायरी के फरमान को बच्चों से शिक्षकों को दूर रखने की सरकारी साजिश बताया है। संघ के राज्य महासचिव रामपाल शर्मा व जिला प्रधान रामफल दयोहरा ने कहा कि शिक्षा विभाग ने आठ अप्रैल को पत्र जारी कर प्रदेश के सभी शिक्षकों को ऑनलाइन अध्यापक डायरी लिखने का फरमान सुनाया है। यह शिक्षकों को विद्यार्थियों से दूर करने की एक सरकारी साजिश है और संगठन इस तरह के फरमान का कड़े शब्दों में विरोध करता है। इस फरमान के विरोध और सभी शिक्षकों के अतिशीघ्र सामान्य तबादलों की मांग के लिए हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की ओर से प्रदेश के सभी डीईओ कार्यालयों पर 16 अप्रैल को जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज तक के सभी शिक्षा आयोग, शिक्षा नीतियां, विद्वान, शिक्षा मनोविज्ञान, शिक्षा समाजशास्त्र व शिक्षण शास्त्र यह कहते आए हैं कि जब तक शिक्षक को बच्चों, अभिभावकों, स्थानीय समुदाय तथा वहां की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक परिस्थितियों की गहन समझ नहीं होगी। तब तक शिक्षा की बाधाओं को पहचाना नहीं जा सकता। जब तक बाधाओं को पहचाना नहीं जाएगा, तब तक उन्हें दूर भी नहीं किया जा सकेगा। इन बाधाओं की पहचान के लिए शिक्षक को पर्याप्त समय चाहिए होता है। इसके लिए आवश्यक है कि शिक्षा के औपचारिक ढांचे में भी शिक्षक-बच्चों को जितना संभव हो, अनौपचारिक होने दिया जाए। इस मौके पर जिला सचिव अमर नाथ किठानिया, कैशियर शीशपाल शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान विद्यावती, उपप्रधान बलराज सिंह संधू,सहसचिव शमशेर कालिया, संगठन सचिव सुरेश द्रविड़, प्रेस सचिव राकेश कुमार, ऑडिटर करमचंद केसर व कार्यालय सचिव गुरमीत सिंह आदि मौजूद थे।