ढांड। बिजली बोर्ड चौक से लेकर विस्तार अनाज मंडी तक गड्ढों में तबदील हुई सड़क ग्रामीणों व राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। युवा मिशन के पदाधिकारी एडवोकेट सोनू भारद्वाज, युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष राजीव आर्य, मोहन लाल, राजकुमार,मंगतराम, ईश्वर शर्मा, सुखदेव, कर्मबीर ने बताया कि अक्सर देखने में आता है कि सड़कों में गड्ढे बन जाते है लेकिन यहां तो गड्ढों में ही सड़क बनी हुई है। 100 मीटर में गड्ढे फिर भी विभाग चैन की नींद सो रहा है।
ढांड की जनता के मन में यही सवाल बार-बार उठ रहा है कि क्या यही विकसित भारत का सपना है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क ढांड की मेन सड़क है। जहां बाजार में दिन रात लोगों का आना जाना लगा रहता है। सड़क की हालत को देखकर जो एक बार यहां से गुजर जाता है दोबारा उसका मन इस सडक़ से आने को नही करता है। सड़क की हालत को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पैदल चलने के लिए कहां पांव रखा जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में तो सडक़ की हालत और भी बदतर हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने से वाहनों के टायरों से राहगीरों के कपड़े कीचड़ से भर जाते है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सडक़ को ठीक करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार गुहार लगा चुके है लेकिन समस्या का आज तक कोई समाधान हुआ है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें टूटी हुई सड़क से निजात दिलाई जाए।
लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता वरुण कंसल का कहना है कि इस सड़क का टेंडर हो चुका है। सर्दी का मौसम समाप्त होते ही इस सड़क पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों को किसी प्रकार की समस्या नही आने दी जाएगी।