कैथल। शहर में डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने और रात्रिकालीन सफाई के लिए टेंडर रद्द होने के कारण बदहाल सफाई व्यवस्था पर सांसद के निर्देश के बाद नगर परिषद की ओर से विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कचरा एकत्रित करने वाले वाहनों की संख्या 11 से बढ़ाकर 50 की जाएगी। साथ ही कर्मचारियों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। इससे माना जा रहा है कि जल्द ही अधिकारियों की मंजूरी के बाद शहर में सफाई और स्वच्छता पर असर दिखने की उम्मीद है।
चार माह पूर्व डोर टू डोर टेंडर रद्द किया गया था। इससे पूर्व रात्रि सफाई का टेंडर भी रद्द कर दिया गया था। दोनों ही टेंडर रद्द होने के बाद नगर परिषद के मौजूदा अधिकारियों ने विशेष कार्ययोजना तैयार कर विभाग मुख्यालय से नए सिरे से टेंडर लगाने की अनुमति मांगी थी लेकिन विभाग मुख्यालय ने स्पष्ट कर दिया कि डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करने के लिए अब क्लस्चर स्तर पर टेंडर छोड़ा जाएगा। इसमें कैथल का कलस्चर करनाल बनाया गया है। इसी तरह रात्रि सफाई टेंडर पर भी रोक लगा दी थी। गत शुक्रवार को हुई जिला विकास एवं निगरानी समिति की बैठक में सांसद नायब सैनी ने शहर में साफ-सफाई की बदहाल स्थिति पर अधिकारियों की खूब रिपोर्ट ली थी। उन्होंने कहा था कि सफाई आवश्यक सेवाओं में आती है। इसीलिए जब तक प्रदेश स्तर पर टेंडर और काम शुरू नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इसके बाद नगर परिषद के स्थानीय अधिकारियों ने कार्ययोजना तैयार की है। सोमवार को जिला आयुक्त के साथ बैठक में इस संबंध में विशेष फैसला लिया जा सकता है।
नगर परिषद के ईओ कुलदीप मलिक ने बताया कि इस समय शहर में 11 वाहनों से शहर से कचरा एकत्रित किया जा रहा है। जो डोर टू डोर के टेंडर में बनाई गई योजना के मुताबिक यह संख्या काफी कम है। पूरे शहर से कचरा एकत्रित करने के लिए 50 से अधिक वाहनों की आवश्यकता होगी। योजना तैयार करके आयुक्त से अनुमति ली जाएगी। करीब 40 नए वाहन या तो खरीदे जाएंगे या फिर किराये पर लिए जाएंगे। इसके अलावा वाहनों को चलाने के लिए कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ेगी। जिस गली में वाहन नहीं जा सकते, उस गली के लिए हाथ रिक्शा खरीदा जाएगा। इसके अलावा डंपिंग यार्ड पर कचरा एकत्रित करने के लिए भी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। जल्द ही अधिकारियों से अनुमति लेकर यह काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद शहर में सफाई और स्वच्छता की स्थिति में सुधार नजर आएगा।