कैथल। प्रदेश में जल्द ही मानसून की शुरूआत होने वाली है। वहीं, मानसून से पहल अभी तक शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के प्रबंध नहीं किए गए हैं। शहर में पानी की निकासी के लिए बनाए गए बरसाती नाले जून का आधा महीना बीत जाने के बाद भी गंदगी से अटे पड़े हैं। इन नालों में पॉलीथिन व कूड़े के ढेर लगे हैं। कई जगह तो नाले मिट्टी भरने से पूरी तरह बंद हो चुके है और उनमें झाडियां व घास फूस उग जाने से ये भी पता लगाना मुश्किल हो जाता है। यहां पानी की निकासी के लिए कोई नाला भी बनाया गया है। ऐसे में शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो सकता है। डीसी प्रीति के निरीक्षण के बाद ड्रेनों में तो सफाई का काम शुरू करवाया गया है।
जिला प्रशासन और नगर परिषद पिछले काफी दिनों से नालों और ड्रेनों की सफाई करने में जुटा हुआ है। डीसी प्रीति खुद जगह- जगह पहुंचकर ड्रेनों का निरीक्षण कर रही है। गत 10 जून को भी डीसी प्रीति ने नपा अधिकारियों के साथ शहर के नालों का भी निरीक्षण किया था और इस निरीक्षण में कई जगह सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई थी। ड्रेनों की सफाई को लेकर तो सचिव, जेई और एसडीओ को कारण बताओ नोटिस तक जारी किए जा चुके हैं। नालों में गोबर डालने वालों के खिलाफ भी डीसी प्रीति ने नोटिस जारी करने के आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद अभी तक शहर में अधिकतर जगहों में नालों की सफाई का काम शुरू नहीं किया गया है। जिन नालों की सफाई की जा रही है उनमें भी कचरा निकाल कर पास ही डाल दिया जाता है जिसे कई बार समय से नही उठाया जाता तो वो पॉलीथिन और कचरा वापस उसी नाले में गिर जाता है। यदि पानी की निकासी नहीं हुई तो पानी सड़कों पर जमा होगा जिससे आम जनता को तो परेशानी होगी। इसके साथ ही वर्षा होने पर पॉलीथिन व कूड़ा नालों से बहकर सीवर लाइन में जाएगा, जिससे सीवर लाइन भी ब्लॉक होने का खतरा बना रहेगा। हालांकि नगर परिषद का दावा है कि बरसात के सीजन से पहले शहर के सभी नालों की सफाई कर दी जाएगी। नगर परिषद के 40 सदस्यों की तीन टीमें इस कार्य को करने में लगी हुई है। संवाद
हर साल होती है जलभराव की समस्या
शहर में कई जगही ऐसी हैं, जहां हर साल बारिश होने पर जलभराव की स्थिति पैदा होती है। इनमें भगत सिंह चौंक, कबूतर चौंक, माता गेट, प्रताप गेट, मायापुरी कॉलोनी, रेलवे गेट, रेलवे अंडरब्रिज, बलराज नगर, सुभाष नगर, छात्रावास रोड आदि शामिल है। इनमें से कई जगह ऐसी है जहां अभी भी नालों की सफाई का काम नहीं हुआ है। स्थानीय लोगो का कहना है कि प्री मानसून या मानसून जल्द ही दस्तक दे सकता है। ऐसे में बरसाती पानी के लिए बनाए गए नालों की अभी तक भी पूरी तरह से सफाई नहीं हो पाना चिंताजनक है।
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नालों की सफाई को लेकर गंभीरता बरती जाए:
शहरवासी रामेश्वर फौजी, बिजेंद्र, राजेंद्र व साहिल ने कहा कि नालों की सफाई नहीं होने पर जलभराव होता है। उनके एरिया में कुछ नाले तो ऐसे है जो मिट्टी भरने से पूरी तरह से बंद हुए पड़े है। उनमें घास और झाडियां तक उगी हुई है। अगर इन्हें समय रहते नहीं खोला गया तो हर साल की तरह इस बार भी शहर में जलभराव के कारण लोगो को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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मानसून से पहले सभी नाले होंगे साफ : ईओ
नगर परिषद ईओ दीपक कुमार ने बताया कि नालों की सफाई के लिए नपा की तीन टीमें लगी हुई है। इनके एक टीम 20 सदस्यों की और दो टीम 10-10 सदस्यों की है। इसके अलावा हर वार्ड में दरोगा की ड्यूटी लगाई गई है। बारिश के सीजन से पहले सभी नालों की सफाई कर ली जाएगी। जहां नाले बंद हुए पड़े है उनकी भी जानकारी लेकर जल्दी खोला जाएगा।