संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। सावन माह के दूसरे सोमवार को राजौंद के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह चार बजे से ही भक्त शिवालयों में जल चढ़ाने के लिए पहुंचने लगे और ‘भोलेनाथ’ का अभिषेक कर परिवार की सुख-शांति की कामना की। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठे।
पंडित रामपाल कौशल ने बताया कि श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। विशेषकर सावन के सोमवार को उपवास रखने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि जो भक्त श्रद्धा से व्रत रखते हैं, भोलेनाथ उनकी प्रार्थना अवश्य स्वीकार करते हैं। इस अवसर पर भक्तों को शिव महिमा से भी अवगत कराया गया।
कांवड़ियों की सेवा में जुटे शिविर :
शिवरात्रि पर्व को लेकर असंध रोड और जींद मोड़ पर कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर स्थापित किए गए हैं। नगर में से गुजरती रंग-बिरंगी पोशाकों में सजी कांवड़ियों की टोलियों ने माहौल को शिवमय कर दिया।
असंध रोड शिविर के आयोजक अजीत कुमार शर्मा ने बताया कि वे पिछले 27 वर्षों से सावन माह में शिवरात्रि से पहले शिविर लगाकर कांवड़ियों की सेवा कर रहे हैं। शिविर में कांवड़ियों के ठहरने, स्नान, प्राथमिक उपचार और जलपान की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि सभी सेवक श्रद्धा और समर्पण से सेवा कार्य में लगे हुए हैं।
वहीं, जींद मोड़ पर लगे शिविर के आयोजक सुखदेव शर्मा ने बताया कि यहां से गुजरने वाले हर कांवड़िए को पूरी श्रद्धा से जलपान कराया जाता है और विश्राम की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों की सेवा के लिए नगर में इन दिनों कई स्थानों पर शिविर और भंडारे लगे हैं। शिविरों में भक्तों के लिए सभी व्यवस्था की गई हैं।