ढांड। अनाज मंडी के ढांड आढ़तियों की दो करोड़ 60 लाख आढ़त का मामला अब 25 अगस्त से शुरू होने जा रहे विधानसभा के सत्र में गूंजेगा। इसके लिए मंडी आढ़ती एवं पूर्व संसदीय सचिव सुलतान जडौला ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चंडीगढ़ मिलकर उन्हें एक मांग पत्र सौंपा।
हुड्डा ने जडौला को आश्वस्त किया है कि ढांड मंडी के आढ़तियों की आढ़त को हर हाल में दिलवाकर रहूंगा। इसके लिए 25 अगस्त को शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र में इस मामले को जोरशोर से उठाया जाएगा। जडौला ने बताया कि मांग पत्र में मुख्य रूप से ढांड मंडी के आढ़तियों की खरीद एजेंसी एफसीआई द्वारा आढ़त नही दिए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की गई है और मांग की गई है कि आढ़तियों को उनकी आढ़त दिलवाई जाए। जडौला ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार की एक सोची-समझी चाल है। जिसके तहत सरकार मंडियों को बंद करने की सोच रही है।
यह है मामला-
जडौला ने बताया कि ढांड मंडी के आढ़तियों ने अप्रैल 2023 में एफसीआई के माध्यम से अदानी एग्रो साइलो सोलूमाजरा में गेहूं बेची गई थी। जिसकी आढ़त लगभग दो करोड़ 60 लाख रुपए बनती है। आढ़तियों द्वारा आढ़त के बिल तैयार करके मंडी एसोसिएशन के माध्यम से एफसीआई. के कार्यालय में जमा करवा दिए गए थे लेकिन एफसीआई द्वारा उनकी आढ़त का भुगतान नही किया गया है। इसके लिए मंडी एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल कई बार एफसीआई के डीएम कुरुक्षेत्र से लेकर जोनल आफिस पंचकूला में जीएम तक मुलाकात कर गुहार लगा चुका है। बावजूद इसके एफसीआई के अधिकारी टस से मस होने को तैयार नही है और आढ़तियों को उनकी आढ़त देने से साफ मना कर रहे है।