संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। नगर में शिव भक्तों ने महाशिवरात्रि का पर्व भक्ति-भाव और धूमधाम के साथ मनाया। मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया था। शिवलिंग पर श्रद्धालुओं ने फूलों के साथ बेलपत्र आदि पूजा सामग्री चढ़ाई।
सुबह से ही शिवालयों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली। हर तरफ बम बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे थे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। शिवरात्रि पर मंदिरों में रुद्राभिषेक और हवन का आयोजन किया गया। शिव भक्तों ने मंदिरों में दूध, दही, घी, शहद और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया।
व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं प्रवेश, शिल्पा, शालिनी, सोनिया, चित्रा, ममता व ज्योति ने बताया कि वे दिन भर उपवास रखते हैं और रात्रि में भगवान शिव की विशेष आराधना करने के बाद ही उपवास खोलते हैं। कई श्रद्धालु फलाहार करते हैं तो कुछ केवल जल ग्रहण करके उपवास रखते हैं।
महंत बंसी पुरी ने महाशिवरात्रि पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक पर्व नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी है। इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से सभी पापों का नाश होता है और जीवन में शांति एवं समृद्धि आती है।
उन्होंने कहा कि शिव पुराण के अनुसार इस दिन रुद्राभिषेक करने से ग्रहदोष समाप्त होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को रात्रि जागरण कर शिव मंत्रों का जाप करना चाहिए जिससे आध्यात्मिक उन्नति होती है। शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करने से मानसिक शांति मिलती है।
महंत ने बताया कि शिव भक्ति से व्यक्ति के जीवन में संयम और संतुलन बना रहता है और उसे कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है। जो व्यक्ति सच्चे दिल से व्रत रखता है उसे भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।