संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। भगतसिंह पुस्तकालय में नौजवान भारत सभा ने दो दिवसीय बाल सृजनात्मक शिविर का आयोजन किया।
इसमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
पहले दिन शनिवार को बच्चों ने रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लिया। कोंपल मंच की चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने हमारी धरती और पर्यावरण विषय पर सुंदर चित्र बनाए। बच्चों ने लकड़ी और धागों से गुड़िया बनाना भी सीखा।
इस सत्र के दौरान जगविंदर ने बच्चों को चित्रकला की बुनियादी तकनीकों से भी परिचित कराया। दूसरे सत्र में बच्चों और युवाओं ने कविता और गीतों की प्रस्तुतियां दीं। इस सत्र में अंकिता, मुस्कान, स्नेहा और सक्षम ने अपनी कविताओं और गीतों से सबका मन मोहा। इसके बाद बच्चों के समूह बनाकर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करवाई गई। अंकिता, मुस्कान व स्नेहा ने कहा कि शिविर में पहले ही दिन उन लोगों को बहुत अच्छा अनुभव हुआ। चित्रकला व धागों व लकड़ी से गुड़िया बनाकर सृजनात्मकता में बढ़ोतरी की।
शिविर का संचालन कर रहे अजय आशु ने कहा कि आज की स्कूली शिक्षा बच्चों को केवल रटंत विद्या तक सीमित कर रही है। ऐसे समय में बच्चों में सामूहिकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तर्क-विवेकयुक्त सोच और नए जीवन-मूल्यों का प्रचार-प्रसार अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से नौभास और अनुराग
ट्रस्ट मिलकर पीढ़ी निर्माण की
परियोजना में सक्रिय हैं। ग्रीष्मकालीन अवकाश में देश के कई हिस्सों में इस प्रकार के सृजनात्मक शिविरों का आयोजन किए जा रहे हैं।