Suman Rana, a woman engaged in saving people from corona epidemic by making masks
- फोटो : Kaithal
कैथल। कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए कलायत की महिला सुमन राणा जुटी हुई है। घर पर 20 हजार मास्क बनाकर जरूरतमंद लोगों को बांटे चुकी है। पिछली दो सालों में 18 हजार के करीब मास्क बनाए थे, इस वर्ष फिर कोरोना जैसे ही संक्रमण बढ़ा तो महिला ने फिर से मास्क बनाने शुरू किए हुए है। 2 हजार के करीब मास्क इस वर्ष भी बना चुकी है। महिला द्वारा घर पर ही कपड़े मास्क तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही उनको जरूरतमंदों तक वितरित किया जा रहा है, ताकि बीमारी से लोगों को बचाया जाए। महिला का कहना है कि घर में खाली बैठने से अच्छा है, समाजसेवा में अपनी भागीदारी निभाई जाए।
महिला सुमन ने बताया कि कोरोना काल से घर बैठकर जरूरतमंदों के लिए कपड़े के मास्क तैयार किए हैं। उसके बाद बनाकर निशुल्क वितरित किया गया। उसने अब तक 20 हजार मास्क बनाए हैं। समाजसेवा के साथ महिलाओं को सैनिटाइजर व दो गज की दूरी के बारे में भी जागरूक कर रही हैं।
सुमन बताती हैं कि बेशक कोरोना को हराने के लिए टीकाकरण का काम चल रहा है, लेकिन आज भी संक्रमण रोकने के लिए मास्क ही सबसे अचूक हथियार है। इसलिए बिना मास्क न घूमें। बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। बाहर से जब भी कोई सामान लाएं तो उस समय मुंह पर मास्क जरूर लगाएं और हाथों को सैनिटाइज कर लें।
ये है मास्क की खासियत
सुमन घर पर सिलाई मशीन के जरिए डबल लेयर, थ्री प्लेट्स कॉटन का सफेद, लाल के अलावा अन्य रंगों के भी मास्क बना रही हैं। कपड़े के इस मास्क की खासियत है कि इसे पहनने के बाद धोकर प्रेस करने के पश्चात सैनिटाइज कर फिर से उपयोग में लिया जा सकता है, जबकि बाजार में बिकने वाले मास्क यूज एंड थ्रो हैं। घरेलू मास्क बार-बार प्रयोग कर सकते है।